Betul Water Tax Recovery: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। नगर पालिका द्वारा पूरा पैसा लेकर आधे दिन ही पानी की सप्लाई किए जाने लोग भी जल शुल्क अदा करने में खास रूचि नहीं ले रहे हैं। वहीं कुछ लोग पर्याप्त पानी मिलने के बावजूद जल शुल्क अदा नहीं करते हैं। इन्हीं सब कारणों से शहरवासियों पर नपा का 4 करोड़ से ज्यादा का जल शुल्क बाकी है। अब इसकी वसूली के लिए नगर पालिका ने अभियान शुरू किया है। 

शहर में पेयजल आपूर्ति के लिए नगर पालिका का एक बड़ा नेटवर्क है। इसके जरिए करीब 18 हजार नल कनेक्शन शहर में दिए गए हैं। नपा ने पानी की सप्लाई के बदले प्रतिमाह 150 रुपये का जल शुल्क लेना तय किया है। इसके बावजूद लोग न तो हर महीने इसे जमा करना उचित समझते हैं और न ही साल में एक बार जमा करते हैं। यही कारण है कि यह छोटी सी राशि भी धीरे-धीरे बड़ी राशि में तब्दील हो जाती है। आलम यह है कि जल शुल्क की ही लोगों पर हजारों रुपये की राशि बकाया है। यदि बकाया राशि का कुल आंकड़ा देखें तो वर्तमान में यह 4 करोड़, 10 लाख के लगभग हो चुका है। 

इन्हें टारगेट कर रही नगर पालिका 

इतनी बड़ी राशि के बकाया होने को देखते हुए अब नगर पालिका ने जल शुल्क की अधिक से अधिक वसूली के लिए अभियान शुरू किया है। फिलहाल नगर पालिका ऐसे बकायादारों को अपना लक्ष्य बना रही है, जिन पर 10 हजार से ज्यादा की राशि बाकी है। नगर पालिक के कर्मचारी एक ओर जहां इनके घर पहुंच कर राशि अदा किए जाने का आग्रह कर रहे हैं तो दूसरी ओर नगर पालिका से भी फोन किए जा रहे हैं। 

इतने कर्मचारियों की लगी ड्यूटी 

इस राशि की वसूली के लिए नगर पालिका द्वारा बाकायदा शहर के सभी 33 वार्डों के लिए 14 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है। इन कर्मचारियों को रोजाना 10 हजार से ज्यादा राशि वाले बकायादारों की सूची दी जा रही है। इसके बाद कर्मचारी घर-घर पहुंच रहे हैं। घर-घर पहुंचने से लोग राशि भी अदा कर रहे हैं। 

अभी नहीं मिलेगी कोई भी छूट 

नपा से सूचना मिलने पर लोग राशि जमा करने की सोच तो रहे हैं, लेकिन उनके सामने यह समस्या आ रही है कि अभी राशि जमा करने पर उन्हें अधिभार में कोई छूट नहीं मिलेगी। जिससे वे राशि जमा करने में संकोच कर रहे हैं। वहीं लोक अदालत की जानकारी भी ले रहे हैं। लोक अदालत में राशि जमा करने पर अधिभार से छूट मिल जाती है। इससे उनकी बचत हो जाएगी। 

रोज नहीं मिल रहा लोगों को पानी 

इतनी बड़ी राशि बकाया होने को लेकर यह कहा जा रहा है कि नगर पालिका जल शुल्क तो पूरे महीने का लेती है, लेकिन पानी की सप्लाई 15 दिन ही करती है। कभी इससे भी कम दिन पानी मिलता है। इससे लोग भी जल शुल्क नियमित अदा करने में रूचि नहीं लेते हैं। इसके अलावा कुछ लोगों की सोच यह रहती है कि बगैर राशि जमा किए भी पानी मिल रहा तो फिर जब इच्छा होगी तब राशि जमा कर देंगे। 

अफसरों ने यह की लोगों से अपील 

इधर नगर पालिका के अधिकारियों ने आम लोगों से अपील की है कि वे अपने कर्तव्य का निर्वहन कर नगर पालिका का सहयोग करें। उनके घर जो कर्मचारी आ रहे हैं, उन्हें बकाया जल शुल्क की राशि जरुर दें। इससे जल प्रदाय व्यवस्था को बेहतर बनाने में भी सहायता मिल सकेगी।