Uttar Pradesh में गंगा स्नान के दौरान बड़ा हादसा, बेटे को बचाने की कोशिश में डूबा युवक
गाजीपुर। गाजीपुर जिले के सुहवल थाना अंतर्गत गरूआ मकसूदपुर गंगा घाट पर बुधवार को एक अत्यंत हृदयविदारक दुर्घटना सामने आई है। यहाँ परिवार में बड़े भाई के विवाह के बाद आयोजित एक धार्मिक विधान के दौरान 18 वर्षीय एक किशोर गंगा नदी के गहरे पानी में समा गया। पीड़ित युवक अपनी मां और पड़ोस की महिलाओं के साथ विवाह से जुड़ी 'कंकन छुड़ाने' की पारंपरिक रस्म में हिस्सेदार बनने के लिए सुबह-सुबह नदी तट पर पहुंचा था। इस अनहोनी के बाद से शादी वाले घर की शहनाइयां चीख-पुकार में बदल गई हैं।
स्नान के दौरान अचानक गहरे पानी में समाया परमेश्वर
प्राप्त विवरण के अनुसार, गरूआ मकसूदपुर क्षेत्र के रहने वाले जोगिंदर गौतम के बड़े पुत्र का हाल ही में विवाह संपन्न हुआ था। इसी मांगलिक उत्सव के सिलसिले में उनकी पत्नी गीता देवी बुधवार सुबह नववधू और गांव की अन्य महिलाओं के साथ पारंपरिक पूजा-अर्चना के लिए गंगा किनारे गई थीं। मां के साथ उनका पांचवें नंबर का बेटा परमेश्वर गुप्ता (18) भी घाट पर गया हुआ था।
अनुष्ठान और पूजा-पाठ के दौरान परमेश्वर गंगा नदी में नहाने के लिए उतर गया। किनारे पर मौजूद लोगों ने बताया कि घाट से महज 5-7 फीट आगे बढ़ते ही नदी के तल का अंदाजा न होने के कारण वह अचानक गहरे पानी की चपेट में आ गया और लहरों के बीच छटपटाने लगा।
मां ने साड़ी फेंककर बचाने की कोशिश की, पर नाकाम रहीं
अपने लाडले को आंखों के सामने डूबता देख मां गीता देवी और अन्य महिलाओं के होश उड़ गए और उन्होंने बचाओ-बचाओ का शोर मचाना शुरू कर दिया। इस आपात स्थिति में सूझबूझ दिखाते हुए महिलाओं ने अपनी साड़ी का पल्लू पानी में फेंककर किशोर को थामने का आखिरी प्रयास भी किया, लेकिन तेज बहाव के कारण परमेश्वर साड़ी को पकड़ नहीं पाया और देखते ही देखते गंगा की मुख्य धारा में विलीन हो गया।
चीख-पुकार सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण, नाविक और स्थानीय मछुआरे तुरंत नाव लेकर मौके पर पहुंचे। जाल डालकर और पानी में उतरकर युवक की खोजबीन शुरू की गई, लेकिन घंटों की मशक्कत के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिल सका।
पुलिस और स्थानीय गोताखोरों का सर्च ऑपरेशन जारी
सुहवल थाना प्रभारी कमलेश कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस बल मौके पर तैनात कर दिया गया है। स्थानीय कुशल गोताखोरों, मल्लाहों और पुलिस की संयुक्त रेस्क्यू टीम द्वारा नदी में सघन तलाशी अभियान (सर्च ऑपरेशन) चलाया जा रहा है। हालांकि, नदी का बहाव तेज होने के कारण खबर लिखे जाने तक किशोर का शव या कोई अन्य सुराग बरामद नहीं हो सका था।
परिजनों ने रुआंसे स्वर में बताया कि लापता परमेश्वर कुल छह भाइयों में पांचवें स्थान पर था और वह इंटरमीडिएट (12वीं) का छात्र था। उसके पिता जोगिंदर गांव में ही मेहनत-मजदूरी कर घर चलाते हैं, जबकि उसके कुछ बड़े भाई आर्थिक मदद के लिए चेन्नई में एक निजी कंपनी में नौकरी करते हैं। घर के चिराग के इस तरह असमय लापता होने से मां गीता देवी सहित पूरे कुनबे का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है।

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