Karbala Ghat Fourlane Bridge: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल के प्रयासों से बैतूल शहर के करबला घाट में माचना नदी पर बन रहा फोरलेन ब्रिज तेजी से आकार ले रहा है। ठेका कंपनी की कोशिश है कि बारिश से पहले पिलर खंडे करने का कार्य कर लिया जाए, ताकि बारिश होने पर भी काम रोकने की जरुरत नहीं पड़े। इस पुल के निर्माण के लिए 18 जनवरी को भूमिपूजन किया गया था। इसके बाद कंपनी ने काम शुरू किया। 

बैतूल-इंदौर नेशनल हाईवे पर करबला घाट का पुल बेहद महत्वपूर्ण है। यहां पर अभी अंग्रेजों के जमाने में बनी पुलिया है। इसका निर्माण करीब 80 साल पहले किया गया था। इतनी पुरानी होने से यह अब बेहद जर्जर होकर खतरनाक स्थिति में पहुंच चुकी है। इसके अलावा इसकी ऊंचाई भी कम है, जिससे नदी में बाढ़ आते ही इस नेशनल हाईवे से आवाजाही बंद करना होता है। कम ऊंचाई और रैलिंग नहीं होने से यहां कई जानलेवा हादसे भी हो चुके हैं। दो साल पहले यहां पर एक जीप भी पुलिया से नीचे गिर गई थी। वहीं अधिक चौड़ाई नहीं होने के कारण यहां बार-बार जाम लगने की समस्या भी होती है। इसी के चलते यहां बड़े पुल की मांग लंबे समय से हो रही थी। 

चार लेन का बन रहा नया पुल

इसके बाद विधायक श्री खंडेलवाल के प्रयासों से यहां बड़ा पुल स्वीकृत हुआ है। इस पुल का निर्माण 18.43 करोड़ रुपए की लागत से किया जा रहा है। यह पुल 100 मीटर लंबा और 18.50 मीटर चौड़ा होगा, जिसमें चार लेन होंगी। इसके निर्माण को 18 माह की अवधि में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

पहले बनना था 18 मीटर चौड़ा

वित्त वर्ष 2024-25 में राज्य सरकार के द्वारा इस पुल के निर्माण के लिए केवल 6.70 करोड़ रुपये का प्रावधान किया था। इसमें केवल 12 मीटर चौड़ा पुल बनाया जाना था। इसके बाद विधायक श्री खंडेलवाल ने भविष्य की जरुरतों को देखते हुए इस पुल के लिए राशि बढ़वाकर 18.43 करोड़ रुपये करवाई और चौड़ाई भी 12 मीटर से बढ़ाकर 18 मीटर करवाई गई। 

भूमिपूजन होते ही काम शुरू 

पुल के लिए भूमिपूजन शुरू होते ही ठेका कंपनी ने यहां काम भी शुरू कर दिया था। कंपनी का प्रयास है कि बारिश के पहले नदी में पिलर खड़े करने का काम पूरा हो जाएं, ताकि बारिश में काम रोकने की नौबत न आए। शेष कार्य बारिश में भी जारी रह सकेंगे। कंपनी ने नदी में 4 पिलर खड़े कर दिए हैं। बारिश तक यह काम पूरा हो जाएगा। 

इस बारिश में नहीं मिलेगा लाभ 

पुल का काम तेजी से चल रहा है, लेकिन इस बारिश में इसका लाभ लेने की संभावना कम ही है। अभी केवल पिलर खड़े हो रहे हैं और इसके अलावा भी कई बड़े काम बाकी है। ऐसे में इस बारिश में पुल का निर्माण कार्य पूरा होने की संभावना बिल्कुल नहीं है। हालांकि इसका काम 18 महीने में पूरा करना है। ऐसे में उम्मीद यही जताई जा रही है कि अगली बारिश से इस पुल का जरुर लाभ मिल सकेगा। 

दोनों हाईवे से मिलेगी कनेक्टिविटी 

इस पुल का महत्व इसी से पता चलता है कि यह पुल एक नहीं बल्कि दो-दो नेशनल हाईवे से शहर को कनेक्टिविटी दिलाता है। इस पुल से सीधे जहां इंदौर के लिए निकल सकते हैं वहीं थोड़ा आगे जाकर तितली चौराहे से होकर सीधे भोपाल-नागपुर नेशनल हाईवे पर भी पहुंच सकते हैं। इस पुल के बन जाने से भोपाल-नागपुर हाईवे पर पहुंचना भी शहरवासियों के लिए आसान हो जाएगा। इसके अलावा माचना में कितनी भी बाढ़ आ जाएं, इस पुल के कारण ट्रैफिक रोकने की जरुरत ही नहीं पड़ेगी।