शराब दुकान शिफ्टिंग पर भड़के कैंट विधायक के समर्थक, दी आंदोलन की चेतावनी
जबलपुर। संस्कारधानी के उपनगरीय इलाके रांझी के अंतर्गत आने वाले बड़ा पत्थर क्षेत्र में नई मदिरा (शराब) दुकान की स्थापना को लेकर स्थानीय रहवासियों और कैंट विधानसभा क्षेत्र के विधायक अशोक ईश्वरदास रोहाणी के समर्थकों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। गौरतलब है कि इस शराब दुकान को लेकर स्थानीय जनता लंबे समय से आंदोलित थी, जिसके बाद क्षेत्रीय विधायक की मध्यस्थता और कड़े रुख के कारण महज एक दिन पहले ही इसे आबादी वाले निचले हिस्से से दूर स्थानांतरित करवा दिया गया था।
ठेकेदारों की चालाकी पर भड़के स्थानीय लोग
मामले में नया मोड़ तब आया जब आबकारी ठेकेदारों ने प्रशासनिक आदेशों को ठेंगा दिखाते हुए रातों-रात इस दुकान को अवैध तरीके से उसी वार्ड के एक दूसरे हिस्से में दोबारा स्थापित कर दिया। मंगलवार सुबह जैसे ही इस गुपचुप शिफ्टिंग की भनक क्षेत्रीय नागरिकों और विधायक को लगी, पूरे इलाके में तनाव और नाराजगी फैल गई। विधायक के दिशा-निर्देश पर तत्काल भारी संख्या में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं और स्थानीय महिलाओं ने मौके पर पहुंचकर ठेकेदारों के खिलाफ उग्र प्रदर्शन और नारेबाजी शुरू कर दी।
"किसी कीमत पर नहीं खुलने देंगे दुकान" — पार्षद दामोदर सोनी
मोर्चे पर डटे भाजपा पार्षद दामोदर सोनी ने जिला प्रशासन और आबकारी विभाग को सीधे शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि बड़ा पत्थर क्षेत्र की सुख-शांति को किसी भी सूरत में बिगड़ने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कैंट विधायक अशोक रोहाणी इस रिहायशी इलाके में शराब दुकान न खुलने देने के लिए जनहित में पूरी तरह संकल्पित हैं, क्योंकि इस दुकान के खुलने से वहां से गुजरने वाली महिलाओं, छात्राओं और आम नागरिकों को भारी असामाजिक तत्वों और परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
फिलहाल, आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने नई दुकान के मुख्य द्वार पर ही अपना तंबू तान दिया है और धरना शुरू कर दिया है। आंदोलनकारियों का साफ कहना है कि जब तक इस मदिरा दुकान को इस पूरे क्षेत्र से हटाकर कहीं और नहीं भेजा जाता, तब तक उनका यह बेमियादी धरना और विरोध प्रदर्शन अनवरत जारी रहेगा।

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