छत्तीसगढ़ में विकास को नई रफ्तार, आदर्श शहर योजना और सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट का ऐलान
रायपुर। छत्तीसगढ़ में सोमवार की सुबह विकास और मौसम से जुड़ी कई बड़ी प्रशासनिक घोषणाओं के नाम रही। राज्य सरकार ने सूबे के शहरी क्षेत्रों के सुनियोजित विकास को रफ्तार देने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की है। दूसरी ओर, नौतपा के आगाज़ के साथ ही सूरज के तीखे तेवरों ने झुलसाना शुरू कर दिया है। इसी बीच, तकनीकी जगत से एक बड़ी खबर सामने आई है कि नवा रायपुर में प्रदेश का पहला सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने की प्रशासनिक तैयारियां अंतिम दौर में पहुंच गई हैं।
शहरी विकास को मिलेगी नई गति, 32 नगरीय निकाय शामिल
सूबे की सरकार ने नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों की बुनियादी सूरत बदलने के उद्देश्य से एक विशेष मास्टर प्लान तैयार किया है। इस वृहद कार्ययोजना के प्रथम चरण के तहत राज्य के 32 स्थानीय नगरीय निकायों को शॉर्टलिस्ट किया गया है। शासन का मुख्य ध्येय शहरी बुनियादी ढांचे, सड़कों के जाल, शुद्ध पेयजल आपूर्ति, ड्रेनेज सिस्टम और आम नागरिकों से जुड़ी मूलभूत सुविधाओं को अपग्रेड करना है।
इस पूरी परियोजना के लिए सरकारी कोष से 200 करोड़ रुपये का शुरुआती आवंटन किया गया है। योजना को धरातल पर सुचारू रूप से उतारने के लिए संभाग स्तर पर मॉनिटरिंग कमेटियों का गठन किया गया है। प्रशासन ने सभी चयनित निकायों को आगामी दो सप्ताह (15 दिन) के भीतर अपनी विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) सौंपने का अल्टीमेटम दिया है, ताकि छोटे व मझोले शहरों में निर्माण कार्यों को जल्द शुरू किया जा सके।
नौतपा का पहला दिन: 45 डिग्री के पार पहुंचा पारा
प्रदेश में नौतपा लगते ही सूरज ने आग उगलनी शुरू कर दी है, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ है। राज्य के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को लांघ चुका है। प्रांतीय राजधानी रायपुर सहित मैदानी इलाकों में सुबह से ही चल रही लू (गर्म हवाओं) और तीखी धूप ने राहगीरों को बेहाल कर दिया।
इस बीच, मौसम केंद्र ने थोड़ी राहत की उम्मीद जताते हुए सरगुजा और बिलासपुर संभाग के अंतर्गत आने वाले कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ तेज आंधी और हल्की बूंदाबांदी का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अधिकांश संभागों में तपिश से अभी पूर्ण राहत मिलने की उम्मीद नहीं है और आगामी कुछ दिनों तक हीटवेव का असर देखा जा सकता है।
नवा रायपुर बनेगा नया टेक हब, पैदा होंगे 1300 से अधिक रोजगार
छत्तीसगढ़ के औद्योगिक और तकनीकी इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है। नवा रायपुर में दूसरे विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) की स्थापना को हरी झंडी मिल गई है, जहां विशेष रूप से राज्य का पहला सेमीकंडक्टर निर्माण संयंत्र (चिप प्लांट) स्थापित किया जाएगा। यह स्पेशल इकोनॉमिक जोन पूरी तरह से इलेक्ट्रॉनिक्स और हाई-टेक इंजीनियरिंग उद्योगों के लिए आरक्षित होगा।
इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए नवा रायपुर में 10.13 हेक्टेयर भूमि का आवंटन भी सुनिश्चित कर दिया गया है। उद्योग विभाग के आकलन के अनुसार, इस अत्याधुनिक संयंत्र के शुरू होने से आने वाले 5 वर्षों के भीतर स्थानीय युवाओं के लिए 1300 से ज्यादा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, जिससे राज्य में बड़े निवेश का मार्ग प्रशस्त होगा।

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