Bharatiya Janata Party में नई सियासी एंट्री की तैयारी, बंगाल से ओडिशा तक बढ़ी हलचल
नई दिल्ली/कोलकाता/भुवनेश्वर: बंगाल में चुनाव के नतीजे आने के लगभग तीन हफ्ते बाद, मंगलवार को भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और उत्तराखंड से लोकसभा सांसद अनिल बलूनी ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया (एक्स) पर पोस्ट करके जानकारी दी कि आज सुबह 11 बजे दिल्ली में भाजपा के मुख्य दफ्तर (मुख्यालय) में एक बहुत ही प्रसिद्ध हस्ती को पार्टी की सदस्यता दिलाई जाएगी। इस पोस्ट के सामने आते ही राजनीति के गलियारों में अटकलें तेज हो गई हैं कि भाजपा में शामिल होने वाला यह नया और बड़ा चेहरा कौन है। इस खबर के बाद से पश्चिम बंगाल से लेकर ओडिशा तक भारी राजनीतिक हलचल देखी जा रही है।
कल्याण बनर्जी और देबाशीष सामंतराय के नामों पर चर्चा
सांसद अनिल बलूनी ने अपनी पोस्ट में भाजपा में शामिल होने वाले व्यक्ति के नाम का खुलासा नहीं किया है, जिससे सस्पेंस और ज्यादा बढ़ गया है। हालांकि, राजनीतिक गलियारों में इस समय दो राज्यों के बड़े नेताओं के नामों की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है। ओडिशा में नवीन पटनायक की पार्टी बीजेडी (BJD) के बड़े नेता देबाशीष सामंतराय के हालिया कदम और पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बेहद करीबी माने जाने वाले कल्याण बनर्जी के बयानों को जोड़कर देखा जा रहा है। इन दोनों राज्यों के सियासी हलकों में यह अफवाह गर्म है कि इनमें से कोई एक नेता भाजपा का दामन थाम सकता है।
सामंतराय का बीजेडी से बड़ा इस्तीफा
इस पूरे घटनाक्रम के बीच ओडिशा की राजनीति में सोमवार को एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला। बीजेडी के बेहद वरिष्ठ नेता देबाशीष सामंतराय ने सोमवार को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने संसद के उच्च सदन यानी राज्यसभा से भी अपने पद का त्याग कर दिया है। सामंतराय ने पार्टी छोड़ने का कारण बताते हुए आरोप लगाया कि पिछले काफी समय से बीजेडी के अंदर उन्हें लगातार नीचा दिखाया जा रहा था और पार्टी के वरिष्ठ नेता उनकी अनदेखी कर रहे थे।
पार्टी के अंदरूनी हालात पर उठाए गंभीर सवाल
दो बार विधायक रह चुके और पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के बेहद खास रहे देबाशीष सामंतराय ने अपना दर्द बयां किया है। उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय तक वफादार रहने के बावजूद पिछले कुछ समय से उन्हें खुद पार्टी प्रमुख से मिलने तक की इजाजत नहीं दी जा रही थी। आपको बता दें कि इससे पहले नवंबर 2025 में भी उन्होंने बीजेडी के वरिष्ठ नागरिक सेल के उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा देकर नाराजगी जताई थी। सामंतराय ने आरोप लगाया कि बीजेडी अब अपने संस्थापक बीजू पटनायक के सिद्धांतों से पूरी तरह भटक चुकी है और पार्टी की कमान ऐसे लोगों के हाथों में सौंप दी गई है जिनका बीजू बाबू की विचारधारा से कोई लेना-देना नहीं है।

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