Betul Water Crisis: ताप्ती बैराज के भरोसे शहर, नए नल कनेक्शनों पर लगी अघोषित पाबंदी
Betul Water Crisis: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। बैतूल शहर इस समय भारी जल संकट से जूझ रहा है। शहर की लाइफ लाइन कहा जाने वाले माचना एनीकेट का पानी खत्म हो चुका है। ऐसे में ताप्ती बैराज से आने वाले पानी पर ही पूरे शहर की सप्लाई का दारोमदार है। इधर पानी का संकट होने के कारण नए नल कनेक्शनों पर अघोषित रूप से रोक भी लगा दी गई है। लोगों को नए नल कनेक्शन नहीं मिल पा रहे हैं। जिससे उन्हें भारी परेशानी उठाना पड़ रहा है।
कई सालों बाद बैतूल शहर भारी जल संकट की स्थिति से जूझ रहा है। फिलहाल नगर पालिका के पास पानी का एकमात्र स्रोत ताप्ती बैराज खेड़ी भर बचा है। यहां से पानी लेने के लिए 3 मोटरों की मदद ली जा रही है। बीच में 2 बार यह मोटरें खराब हो जाने से शहर की पानी की सप्लाई प्रभावित हुई थी। इस बीच यह खतरा भी बना हुआ है कि यदि फिर कोई मोटर जल गई, कोई तकनीकी समस्या आ गई या पाइप लाइन में कोई परेशानी हो जाए तो दोबारा जल आपूर्ति में दिक्कत आएगी। इधर पानी कम उपलब्ध होने से नगर पालिका को सप्लाई में भी दिक्कत हो रही है। शहर में वैसे तो एक दिन के अंतराल से पानी सप्लाई करने का प्रावधान है, लेकिन कई क्षेत्र ऐसे हैं जहां पर 3 से 4 दिन में भी पानी नहीं पहुंच पा रहा है। वहीं जब पानी पहुंच रहा है, वहां भी पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है।
नए नल कनेक्शन नहीं मिल रहे
नगर पालिका की स्थिति यह है कि अभी वर्तमान में जो नल कनेक्शन हैं, उन्हें ही पर्याप्त पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही है। ऐसे में यदि नए कनेक्शन देकर नल कनेक्शनों की संख्या और बढ़ा दी जाए तो यह परेशानी और भी बढ़ जाएगी। ऐसे में सभी को खासी दिक्कत उठानी होगी और पानी को लेकर हाहाकार मचना तय होगा। इसी के चलते वर्तमान में नए कनेक्शन दिए ही नहीं जा रहे हैं।
अप्रैल से नहीं कट पा रही रसीद
नए नल कनेक्शन दिए जाने पर नगर पालिका ने घोषित रूप से प्रतिबंध नहीं लगाया है, लेकिन अघोषित रूप से प्रतिबंध जैसी स्थिति जरुर चल रही है। दरअसल, नए नल कनेक्शन सहित सभी तरह के कार्यों के लिए अब राशि ऑनलाइन रूप से ही जमा होती है। विगत 20 अप्रैल से नए नल कनेक्शनों के लिए राशि जमा होकर रसीद ही नहीं कट पा रही है। इसके अलावा अन्य सभी कार्य बाकायदा हो रहे हैं।
कनेक्शन बदलना भी लगातार जारी
नए कनेक्शन के लिए जब रसीद ही नहीं कट रही है तो फिर कनेक्शन भी नहीं हो पा रहे हैं। वहीं पुराने कनेक्शनों का जल शुल्क जमा होना, नल की पाइप लाइन बदलने के लिए शुल्क जमा होना जैसे सभी कार्य हो रहे हैं। इससे साफ है कि पानी की कमी के चलते नपा नए कनेक्शन ही नहीं देना चाह रही है। उल्लेखनीय है कि नए कनेक्शन के लिए 5800 रुपये की रसीद कटवाना होता है। वहीं अमृत योजना की पाइप लाइन से नल जुड़वाने के लिए 1500 रुपये शुल्क लगता है।
इन कारणों से लोग हो रहे परेशान
नए नल कनेक्शन नहीं मिलने से लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नए कनेक्शन वे ही लेना चाहते हैं, जिनके पास पानी का बिल्कुल कोई साधन न हो। अब तो हालांकि नए ट्यूबवेल खनन पर भी रोक है, लेकिन इन लोगों की सामर्थ्य इतनी होती भी नहीं है कि वे टयूबवेल खनन करके अपनी पानी की जरुरत पूरी कर सके। संभावना है कि मानसून की आमद होने पर नए नल कनेक्शनों पर लगी अघोषित रोक हटा ली जाएगी।
अभी शहर में इतने हैं नल कनेक्शन
वर्ष 2024-25 में शहर में 17430 कनेक्शन थे। अब इनकी संख्या में और इजाफा हो चुका है। यदि वर्ष 2015-16 की बात करें तो उस समय शहर में 10250 कनेक्शन थे। उसके बाद 2016-17 में 10881, 2017-18 में 10881, 2018-19 में 11600, 2019-20 में 12524, 2020-2021 में 12860, 2021-22 में 13069, 2022-23 में 13410 और 2023-24 में 14483 नल कनेक्शन हैं।

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