VB GRAMJI Yojana Betul: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। आगामी 1 जुलाई से मनरेगा की जगह वीबी-जीरामजी योजना लागू हो जाएगी। नई योजना में कुछ पुराने काम अब नहीं किए जाएंगे तो कुछ नए काम शामिल किए जा रहे हैं। यही कारण है कि जिले के 464 काम ऐसे हैं, जो कि जीरामजी योजना में मर्ज नहीं हो सकेंगे। इसलिए इन्हें हर हाल में 30 जून तक पूरे करना होगा। इसके बाद इन कार्यों के लिए राशि भी उपलब्ध नहीं हो सकेगी। 

बीते कई सालों से महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना ग्रामीण क्षेत्र में मजदूरों को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार मुहैया कराने में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर रही है। अब इस योजना को नए नाम और नए रूप में लागू किया जा रहा है। इस योजना का नया नाम विकसित भारत- रोजगार और आजीविका मिशन ग्रामीण के लिए गारंटी (वीबी-जी राम जी) योजना है। यह योजना आगामी 1 जुलाई से लागू कर दी जाएगी। इसके लिए केंद्र सरकार द्वारा नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है। इस योजना में बहुत से बदलाव किए गए हैं। इनमें योजना के तहत किए जाने वाले कार्य भी शामिल हैं। इसके तहत अभी तक होने वाले कई कार्य जहां इसमें शामिल नहीं होंगे, वहीं कई नए कार्यों को भी इसमें शामिल किया गया है। 

पुराने कार्य नई योजना में होंगे मर्ज 

अभी मनरेगा के तहत जो कार्य पूरे नहीं हो पाए हैं, उन्हें 30 जून तक हर हाल में पूरे कर लेने के सख्त निर्देश दिए जा चुके हैं। हालांकि इसके बावजूद वे कार्य यदि इस टाइम लिमिट में पूरे नहीं होते हैं तो उन्हें फिर जीरामजी योजना में मर्ज कर पूरा कराया जाएगा। हालांकि इसमें वे कार्य शामिल नहीं किए जाएंगे, जिन्हें अब योजना से हटा दिया गया है। नई योजना में शामिल नहीं होने के कारण अब 30 जून के बाद उनके लिए राशि भी नहीं मुहैया कराई जाएगी। 

जिले में इतने हैं इस श्रेणी के कार्य 

बैतूल जिले में मनरेगा के तहत अधूरे कार्यों की संख्या वैसे तो करीब 12000 हैं। इन कार्यों को 30 जून तक पूरा कराने के पुरजोर प्रयास किए जा रहे हैं और पूरे नहीं भी हो पाए तो वे मनरेगा में शामिल हो जाएंगे। लेकिन, जीरामजी योजना में शामिल नहीं हो सकने वाले कार्यों की संख्या 464 हैं। यह कार्य 25 केटेगिरी के 70 अलग-अलग कार्य हैं। इन श्रेणियों के अधूरे 464 कार्यों में 24 कार्य पूरे कर लिए गए हैं। शेष कार्यों को लेकर भी प्रयास किया जा रहा है कि उन्हें 30 जून तक हर हाल में पूरा कर लिया जाए ताकि बजट की किल्लत न झेलना पड़े।

कई नए कार्य भी किए गए शामिल 

जीरामजी योजना में कई नए काम भी शामिल किए गए हैं। पहले मनरेगा में योजना का दायरा केवल जल संरक्षण एवं संवर्धन के कार्यों पर था, लेकिन अब जीरामजी योजना के तहत जल संरक्षण कार्य, आजीविका मूलक कार्य, ग्रामीण अवसंरचना के कार्य एवं चरम मौसम से बचाने वाले कार्य किए जाएंगे। अब 100 की जगह 125 दिन के कार्य की गारंटी रहेगी, वहीं खास बात यह है कि कृषि मजदूरों की कमी न हो, इसलिए कृषि के व्यस्ततम समय- बुआई और कटाई के समय वर्ष भर में 60 दिन काम नहीं कराया जाएगा।