ओडिशा की राजनीति में हलचल, BJD छोड़ देबाशीष का बड़ा आरोप- पार्टी में अपमानित किया गया
भुवनेश्वर : ओडिशा की राजनीति में सोमवार को एक बहुत बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। बीजू जनता दल (BJD) के बेहद वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद देबाशीष सामंतराय ने अपनी पार्टी को एक बड़ा झटका दे दिया है। उन्होंने बीजद की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने के साथ-साथ संसद के उच्च सदन यानी राज्यसभा से भी अपना पद छोड़ दिया है, जिससे राज्य के राजनीतिक गलियारों में हलचल काफी तेज हो गई है।
नवीन पटनायक के करीबियों की अनदेखी का आरोप
अपनी ही पार्टी से नाता तोड़ने के पीछे देबाशीष सामंतराय ने बीजद के भीतर चल रही उपेक्षा को मुख्य कारण बताया है। उन्होंने पार्टी नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि संगठन में उन्हें लगातार नीचा दिखाया जा रहा था और जानबूझकर उनकी अनदेखी की जा रही थी। उन्होंने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि ओडिशा के लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे नवीन पटनायक के बेहद करीबी होने के बावजूद, पिछले कुछ समय से उन्हें खुद अपनी ही पार्टी के प्रमुख नवीन पटनायक से मिलने तक नहीं दिया जा रहा था।
सभापति को सौंपा इस्तीफा और भाजपा में जाने के संकेत
पार्टी छोड़ने के तुरंत बाद देबाशीष सामंतराय ने देश की संसद में राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन से मुलाकात की और उन्हें अपना आधिकारिक इस्तीफा सौंप दिया। इस बड़े कदम के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में यह साफ संकेत दिए हैं कि वे अब एक नई राजनीतिक पारी की शुरुआत करने जा रहे हैं और बहुत जल्द भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम सकते हैं।
मुख्यमंत्री मोहन माझी की मौजूदगी में हो सकती है जॉइनिंग
सियासी गलियारों और अंदरूनी सूत्रों से मिल रही खबरों के मुताबिक, देबाशीष सामंतराय की भाजपा में एंट्री की स्क्रिप्ट पूरी तरह तैयार हो चुकी है। माना जा रहा है कि ओडिशा के मौजूदा मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनमोहन सामल की खास मौजूदगी में वे औपचारिक रूप से भाजपा की सदस्यता ग्रहण करेंगे। सामंतराय के इस फैसले से जहां बीजद को ओडिशा में एक बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है, वहीं भाजपा राज्य में और मजबूत होती दिखाई दे रही है।

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