स्वास्थ्य विभाग की बड़ी पहल, निजी अस्पतालों पर बढ़ी जवाबदेही
जबलपुर। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के आंकड़े समय पर न दिए जाने पर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की थी। कलेक्टर की इस फटकार के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. नवीन कोठारी पूरी तरह एक्शन मोड में आ गए हैं। उन्होंने जिला चिकित्सालय विक्टोरिया के स्वामी विवेकानंद सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाकर सभी स्वास्थ्य अधिकारियों और निजी चिकित्सा संस्थानों को कड़े लहजे में चेतावनी दी है। सीएमएचओ ने साफ कर दिया है कि सरकारी योजनाओं और स्वास्थ्य अभियानों की रिपोर्टिंग में किसी भी तरह की कोताही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पोर्टल पर डेटा एंट्री अनिवार्य, इन महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की देनी होगी रिपोर्ट
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने सभी निजी नर्सिंग होम और अस्पतालों के लिए यह अनिवार्य कर दिया है कि वे अपने यहां होने वाले उपचार और पंजीकरण के आंकड़ों को तय समय सीमा के भीतर सरकारी पोर्टल पर अपलोड करें। इसके तहत मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, अनमोल पोर्टल, एएनसी-पीएनसी (ANC-PNC) रजिस्ट्रेशन, एनसीडी (NCD) टीकाकरण, एचएमआईएस (HMIS) और टीबी एक्स-रे सहित समस्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति रिपोर्ट हर महीने अनिवार्य रूप से पोर्टल पर दर्ज कर जिला चिकित्सालय को भेजनी होगी।
निजी अस्पतालों की लापरवाही से प्रभावित हो रही जिले की रैंकिंग
बैठक में यह बात सामने आई कि कई निजी अस्पताल जमीनी स्तर पर इलाज तो कर रहे हैं, लेकिन राष्ट्रीय स्तर के महत्वपूर्ण स्वास्थ्य कार्यक्रमों से जुड़े आंकड़े समय पर विभाग को नहीं सौंपते हैं। इसका सीधा असर जिले की ओवरऑल रैंकिंग और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट पर पड़ता है। बेहतर काम होने के बावजूद आंकड़ों के अभाव में जिला पिछड़ जाता है। इसी खामी को दूर करने के लिए अब मासिक रिपोर्टिंग की व्यवस्था को बेहद सख्त और अनिवार्य बनाया जा रहा है ताकि स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक और पारदर्शी स्थिति सामने आ सके।
वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी, डेटा पर रखी जाएगी पैनी नजर
लापरवाही को रोकने के लिए विभाग के शीर्ष अधिकारियों को सीधे तौर पर निगरानी का जिम्मा सौंपा गया है। डॉ. नवीन कोठारी ने मातहत अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे लगातार निजी अस्पतालों के संपर्क में रहें और पोर्टल पर होने वाली डेटा एंट्री की खुद मॉनिटरिंग करें। विक्टोरिया अस्पताल में आयोजित इस बैठक में जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विनीता उप्पल, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. विनोद गुप्ता, डॉ. आदर्श विश्नोई, डॉ. अमजद खान सहित विभिन्न राष्ट्रीय कार्यक्रमों के नोडल अधिकारी मुख्य रूप से मौजूद रहे, जिन्हें अपने-अपने विभागों के आंकड़ों की बारीकी से स्क्रूटनी करने के निर्देश दिए गए हैं।

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