Block Level Public Hearing: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। नवागत कलेक्टर चाहते हैं कि ब्लॉक स्तर पर प्रभावी जनसुनवाई हो, ताकि लोगों को जिला मुख्यालय तक न आना पड़े। यह बात अलग है कि न ब्लॉक स्तर पर होने वाली जनसुनवाई को लेकर लोगों को यह विश्वास ही नहीं है कि यहां उनकी समस्या दूर हो सकेगी। इसके चलते कलेक्ट्रेट में ही हर मंगलवार को सैकड़ों लोगों का हुजूम लग रहा है। इसे देखते हुए अब कलेक्टर डॉ. सौरभ सोनवणे ने स्वयं ही ब्लॉक पर भी जनसुनवाई करने का फैसला लिया है। इसके तहत पहली जनसुनवाई मुलताई में होगी। 

गौरतलब है कि कलेक्टर डॉ. सौरभ सोनवणे ने बैतूल में पदभार संभालते ही अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि तहसील और ब्लॉक स्तर पर प्रभावी जनसुनवाई शुरू की जाए ताकि लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं को लेकर जिला मुख्यालय तक नहीं आना पड़े। हालांकि कुछ जगह जहां अफसरों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया तो कुछ जगह लोगों ने तहसील और ब्लॉक स्तर पर भरोसा किया। नतीजतन, कलेक्ट्रेट में होने वाली जनसुनवाई में लोगों की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है। राष्ट्रीय जनादेश ने इसे लेकर 20 मई के अंक में 'तहसील और ब्लॉक स्तर पर नहीं भरोसा, कलेक्ट्रेट में ही लग रहा हुजूमÓ शीर्षक से प्रमुखता से समाचार भी प्रकाशित किया था। इसे गंभीरता से लेते हुए अब कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने जनसुनवाई को लेकर बड़ा फैसला लिया है। 

अब ब्लॉकों में जनसुनवाई करेंगे 

यह बड़ा फैसला यह है कि जिले में ब्लॉक स्तर पर भी जनसुनवाई आयोजित की जाएगी। इस पहल की शुरुआत मुलताई से होगी। कलेक्टर डॉ. सौरभ सोनवने के मुताबिक अगली जनसुनवाई मुलताई में आयोजित की जाएगी, जिसमें वे स्वयं उपस्थित रहेंगे। अन्य स्थानों के अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से जुड़ेंगे। दूसरी ओर बैतूल जिला मुख्यालय में होने वाली मंगलवार की जनसुनवाई में अपर कलेक्टर (एडीएम) वंदना जाट उपस्थित रहेंगी।

समय के साथ रुपये की भी बचत 

कलेक्टर डॉ. सोनवने ने स्पष्ट किया कि मुलताई तहसील क्षेत्र काफी बड़ा है। यहां प्रभात पट्टन सहित महाराष्ट्र सीमा से लगे गांवों के लोगों को शिकायत लेकर जिला मुख्यालय तक पहुंचने में समय और धन दोनों खर्च करना पड़ता है। इसके अलावा राजस्व दायरा अधिक होने के कारण यहां राजस्व संबंधी शिकायतें भी अधिक सामने आ रही हैं। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए अधिकारियों को मुलताई में जनसुनवाई आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।

लगातार बढ़ती जा रही शिकायतें 

कलेक्टर डॉ. सोनवणे के ऊपर लोगों का भरोसा अधिक है। यही कारण है कि कलेक्ट्रेट में होने वाली जनसुनवाई में आवेदनों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। पूर्व कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी के कार्यकाल में जिला मुख्यालय पर औसतन सौ आवेदन पहुंचते थे, लेकिन डॉ. सौरभ संजय सोनवने के प्रभार संभालने के बाद जनसुनवाई में सैकड़ों की संख्या में आवेदन पहुंच रहे हैं। प्रत्येक जनसुनवाई में बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंच रहे हैं।

हर महीने एक जनसुनवाई ब्लॉक में 

कलेक्टर डॉ. सोनवणे की योजना है कि अब हर महीने कम से कम एक जनसुनवाई किसी न किसी ब्लॉक मुख्यालय पर आयोजित की जाएगी। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को स्थानीय स्तर पर ही समस्याओं के निराकरण का अवसर प्रदान करना है। बैतूल में पदभार संभालने के बाद से कलेक्टर स्वयं गांव-गांव तक पहुंच रहे हैं। इससे जमीनी स्तर पर मौजूद समस्याओं से भी वे दो-चार हो रहे हैं। इसके अलावा समस्याओं का लगातार मौके पर निराकरण भी वे करवा रहे हैं। इन्हीं सबसे उन्हें लेकर लोगों की उम्मीदें भी बढ़ गई है।