Betul Mandi News: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। कृषि उपज मंडी बैतूल में व्यापारियों की मोनोपली और दबदबा लगातार कायम हैं। व्यापारियों द्वारा निर्धारित समय में अपने बोरे नहीं उठाने और मंडी प्रबंधन द्वारा इस ओर अनदेखी करने से एक बार फिर मंडी के शेड और परिसर में व्यापारियों के बोरों के चौकड़े जमा होने लगे हैं। मंडी में मक्का की आवक घटकर आधी से भी कम हो गई है। सीजन की तुलना में मात्र २५ फीसदी ही आवक हो रही है। इसके बावजूद मक्का के व्यापारी मंडी परिसर में ही मक्का डंप कर रहे हैं जिससे किसानों को शेड में पर्याप्त जगह नहीं मिल रही है और भीषण गर्मी के बावजूद खुले आसमान के नीचे अपनी उपज उतारने मजबूर होना पड़ रहा है। 

कृषि उपज मंडी में खरीफ सीजन के बाद मक्का की आवक बढ़ते ही अव्यवस्था शुरू हो जाती है। दिसम्बर से जनवरी-फरवरी तक मक्का की आवक ३० हजार क्विंटल प्रतिदिन तक पहुंच जाती है। उस समय व्यापारी हम्मालों और वाहन की अनुपलब्धता का हवाला देकर मंडी में ही मक्का डंप करके रैक लगने पर सीधे रैक पाइंट पर मक्का भेजते है। मंडी प्रबंधन की लचर कार्यप्रणाली से व्यापारियों द्वारा नियमों को ताक पर रखकर लाखों रूपए का चूना लगाया गया है। 

इस साल सीजन में मक्का के दाम कम रहने से कई किसानों ने मक्का नहीं बेची जिससे मई माह में भी ८ से ९ हजार बोरे मक्का की आवक हो रही है, जो सीजन से ५० से ७५ फीसदी तक कम है। इसके बावजूद व्यापारियों द्वारा प्रतिदिन खरीदी गई मक्का के बोरे नहीं उठा रहे हैं बल्कि मक्का खरीदकर मंडी के शेड और मंडी परिसर में ही चौकड़े लगा रहे है। शुक्रवार को शाम को भी मक्का के लिए निर्धारित अधिकतर शेड में व्यापारियों के बोरों के चौकड़े लगे थे। शेड के साथ ही मंडी परिसर में भी व्यापारियों ने मक्का के बोरों के चौकड़े लगाए है।

खुले में उपज उतारने मजबूर हो रहे किसान

मंडी में आवक कम होने के बावजूद शेड में व्यापारियों के बोरे रखे होने से किसानों को उपज उतारने पर्याप्त स्थान नहीं मिल पा रहा है। जिससे किसानों को भीषण गर्मी में भी खुले आसमान के नीचे अपनी उपज उतारने मजबूर होना पड़ रहा है। वर्त्तमान में जिले का तापमान ४२ से ४३ डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। गर्म लपटो से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। इसके बावजूद अन्नदाता खुले आसमान के नीचे उपज उतारकर दिन भर तपने को मजबूर है। यदि मंडी प्रबंधन प्रतिदिन व्यापारियों के बोरे शेड से उठवा दे तो वर्त्तमान में हो रही १६-१७ हजार बोरे की कुल आवक मंडी शेड में ही आ जाएंगी, लेकिन इसके लिए मंडी प्रबंधन को प्रतिदिन सुबह तक मंडी के शेड पूरी तरह खाली करवाने होंगे।