Betul News: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। जिला अस्पताल में पिछले दिनों प्रसव के दौरान गर्भवती की मौत होने के बाद सोमवार सुबह एक और महिला की मौत प्रसव के लगभग 20 घंटे बाद हो गई। मृतिका के परिजनों ने डॉक्टर द्वारा 7 हजार रुपये लेने का आरोप भी लगाया है। वार्ड इंचार्ज द्वारा जिला अस्पताल परिसर स्थित अस्पताल चौकी में महिला की मौत की सूचना देने के बाद मृतिका का शव जिला अस्पताल में शव गृह में सुरक्षित रखा गया है। मृतिका के पति के आने के बाद मंगलवार को शव का पीएम किया जाएगा। जिससे मौत के कारणों का खुलासा होगा। प्रसव के 24 घंटे के भीतर मौत होने को गंभीरता से लेते हुए सिविल सर्जन द्वारा जांच करवाई जा रही है। 

जिला अस्पताल में सोमवार सुबह लगभग 10 बजे प्रसूता रोशनी पत्नी रूपेश (25) की मौत हो गई। रोशनी को प्रसव के लिए जिला अस्पताल में भर्ती किया गया था। रविवार दोपहर 1.39 बजे जिला अस्पताल के महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. रामलखन प्रजापति द्वारा सीजर किया गया था। महिला ने स्वस्थ बेटे को जन्म दिया गया, जिसका वजन 2.800 किलोग्राम था। बेटो को जन्म देने के बाद महिला की तबीयत बिगड़ गई। डॉक्टरों के अनुसार महिला को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। वहीं ब्लड भी कम हो गया था। जिससे उसे ब्लड भी चढ़ाया गया था। इसके बावजूद महिला की हालत गंभीर हो गई और सोमवार सुबह लगभग 10 बजे उसका निधन हो गया। 

मृतिका के भाई कैलाश उइके ने बताया कि जिला अस्पताल में सीजर के लिए डॉक्टर ने 7 हजार रुपये मांगे थे। अच्छे से सीजर हो जाएं, यह सोचकर उसकी बड़ी बहन की मौत हो गई। सविता ने किसे रुपये दिए, उनका नाम नहीं पता, लेकिन सामने आने पर वह पहचान लेगी। 

सिविल सर्जन डॉ. जगदीश घोरे ने बताया कि प्रसव के 24 घंटे के अंदर मृत्यु होने की समीक्षा की जाएगी। किसी भी परिजन ने रुपये देने की शिकायत नहीं की है। यदि परिजन शिकायत करते हैं तो इसकी जांच करवाकर दोषियों पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। महिला के पति छत्तीसगढ़ में होने के कारण पोस्टमार्टम नहीं किया गया है। मंगलवार को महिला के पति के वापस आने के बाद पोस्टमार्टम किया जाएगा, जिससे मृत्यु के कारणों का खुलासा होगा।