Wheat Procurement Betul 2026: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। सभी समस्याओं का निराकरण हो जाने के बाद अब जिले में भी गेहूं खरीदी ने रफ्तार पकड़ ली है। अभी जिले में 21968 मेट्रिक टन गेहूं की खरीदी हो चुकी है। पंजीयन कराने वाले किसानों में से 5479 अपनी गेहूं की उपज की बिक्री कर चुके हैं। इन किसानों के खातों में 25 करोड़, 25 लाख रुपये पहुंच भी चुके हैं। केवल आमला ब्लॉक के एक-दो केंद्र ऐसे हैं जहां गेहूं कम आ रहा है। 

जिले में गेहूं की खरीदी वैसे तो 10 अप्रैल से ही शुरू हो चुकी थी, लेकिन शुरूआती दौर में किसानों को एक के बाद एक कई समस्याओं का सामना करना पड़ा। पहले जहां स्लॉट ही बुक नहीं हो रहे थे तो फिर अचानक सैटेलाइट सर्वे का पेंच आ गया था। जैसे-तैसे यह पेंच हटा तो फिर सर्वर की धीमी रफ्तार की समस्या आ गई। इन सबके कारण जिले में गेहूं खरीदी बेहद कम हो पा रही थी। अंतत: एक-एक कर इन सभी समस्याओं का निराकरण किया गया। सैटेलाइट सर्वे की जगह राजस्व विभाग के सत्यापन के आधार पर ही खरीदी शुरू की गई और ई-उपार्जन पोर्टल को एम. राशन मित्र के सर्वर से जोड़ा गया। इसके अलावा छोटे ही नहीं बल्कि मंझौले और बड़े किसानों के भी स्लॉट बुक किए जाने लगे। इसके बाद गेहूं खरीदी का आंकड़ा भी तेजी से बढ़ने लगा। 

अभी तक इतने किसान बेच चुके गेहूं 

जिले में कुल 18979 किसानों ने समर्थन मूल्य पर गेहूं की बिक्री के लिए अपना पंजीयन करवाया था। इनमें से अभी तक 11609 ने गेहूं बेचने के लिए स्लॉट बुक करवाया है। इनमें से 5479 किसान अभी तक अपनी गेहूं की उपज बेच चुके हैं। इन किसानों से कुल 21968 मेट्रिक टन गेहूं की खरीदी आज सुबह तक की जा चुकी है। खरीदे गए गेहूं में से 97 प्रतिशत का परिवहन भी किया जा चुका है। 

किसानों को इतना होना है भुगतान 

गेहूं की अभी तक जितनी खरीदी हुई है, उसके बदले किसानों को कुल करीब 57 करोड़ रुपये का भुगतान करना है। इसमें से 25 करोड़, 25 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है। 8 करोड़ रुपये के और ईपीओ साइन हो चुके हैं, मतलब पेमेंट ऑर्डर बन चुके हैं और कभी भी किसानों के खाते में राशि पहुंच जाएगी। शेष राशि के भुगतान की प्रक्रिया भी जारी है।  

अभी और स्लॉट बुक होने की संभावना

जिला आपूर्ति अधिकारी केके टेकाम ने बताया कि गेहूं की बिक्री के लिए 23 मई तक स्लॉट बुक किए जा सकेंगे। जिले में अभी काफी किसान ऐसे हैं, जिन्होंने स्लॉट बुक नहीं कराए हैं। ऐसे में अभी काफी संख्या में स्लॉट बुक होने की संभावना है। इसी तरह खरीदे जाने वाले गेहूं की मात्रा में भी खासी बढ़ोतरी होना तय है। 

आमला में चमकविहीन की समस्या 

जिले में गेहूं खरीदी के लिए 64 केंद्र बनाए गए हैं। इन सभी में गेहूं की खरीदी में तेजी आई है, हालांकि आमला के एक-दो केंद्रों में कम गेहूं आ रहा है। इसकी वजह यह बताई जाती है कि वहां चमकविहीन गेहूं ज्यादा आ रहा है। शासन ने 50 प्रतिशत तक चमकविहीन गेहूं खरीदने की अनुमति दी है, लेकिन यहां इससे अधिक चमकविहीन गेहूं होने से खरीदी कम है।