Betul Power Supply Restoration: आंधी के तांडव से अंधेरे में डूबे बैतूल को रोशन करने आधी रात तक 'जंग' लड़ती रहीं बिजली कंपनी की 13 टीमें
Betul Power Supply Restoration: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। शनिवार को चली जोरदार आंधी ने पूरे शहर की बिजली आपूर्ति ठप कर दी थी। शहर में बिजली सप्लाई करने वाले फीडर से लेकर ट्रांसफार्मर तक सब ठप हो चुके थे, वहीं 20 जगह तार टूटे थे। इन सबको दुरूस्त करने बिजली कंपनी की करीब एक सैकड़ा अधिकारी-कर्मचारियों की 13 टीमें लगातार घंटों तक मुस्तैद रही। घंटों तक लगातार यह काम चलता रहा। इसके बाद कहीं पूरा शहर रोशन हो सका।
शनिवार को चली आंधी में कई विशालकाय पेड़ जमींदोज हो चुके थे। इन पेड़ों ने बिजली की लाइनों को भी अपनी चपेट में ले लिया था। शहर में करीब 20 स्थानों पर यह पेड़ बिजली लाइन पर गिरे थे। इससे तार भी टूट कर गिर पड़े थे। इसके चलते बिजली लाइन में जगह-जगह फॉल्ट आ गया और फीडर से लेकर ट्रांसफार्मर तक सब कुछ ठप हो गए थे। नतीजा यह रहा कि पूरा शहर अंधेरे में डूब गया। ऐसे में बिजली कंपनी के सामने इन सभी फाल्ट को सुधार कर बिजली आपूर्ति करना एक बड़ी चुनौती थी। इस चुनौती को बिजली कंपनी के बैतूल शहर के सहायक यंत्री अमित पयासी ने स्वीकार किया और उनकी अगुवाई में 12 से 13 टीमें बिजली आपूर्ति शुरू करने के मिशन में जुट गई। हर टीम में 6 से 7 कर्मचारी तैनात थे।
सबसे पहले फीडरों को किया चालू
इन टीमों ने सबसे पहले 33 केवी के टिकारी, हमलापुर, इंडस्ट्रीयल एरिया कोसमी और मरामझिरी के फीडरों को चालू किया। 30 से 35 मिनट में इन्हें चालू कर दिया गया। इसके बाद 11 केवी के 15 फीडरों को 45 मिनट के भीतर चालू किया गया। फीडरों के चालू होने के बाद एलटी लाइनों का सुधार और ट्रांसफार्मरों के फ्यूज डालकर उन्हें चालू करना शुरू किया गया।

एक ही हाइड्रा मशीन थी उपलब्ध
शहर में करीब 20 जगह पेड़ बिजली लाइनों पर गिरे पड़े थे। इन्हें हटाने के लिए हाइड्रा मशीन की जरुरत थी। कंपनी के पास एक ही हाइड्रा मौजूद थी। यह मशीन एक जगह से काम निपटा कर दूसरी जगह दौड़ती रही। इसके बाद एक-एक कर लाइन दुरूस्त की जाती रही। शहर में 180 ट्रांसफार्मर हैं। इनमें से अधिकांश के फ्यूज उड़ चुके थे।
व्यक्तिगत शिकायतों का भी अंबार
क्षेत्र की बिजली चालू रहने के बावजूद कई लोगों के घरों की बिजली बंद थी। ऐसी करीब 125 व्यक्तिगत शिकायतें भी कुछ ही घंटों में आ गई थी। बड़े फॉल्ट दुरूस्त करने के साथ ही कंपनी के कर्मचारी इन व्यक्तिगत शिकायतों का भी निपटारा करते रहे। स्वयं सहायक यंत्री श्री पयासी रात 3 बजे तक हमलापुर में अपनी देखरेख में काम करवाते रहे। वहीं अन्य सब इंजीनियर भी कर्मचारियों के साथ मुस्तैदी से डटे रहे।
टीम वर्क से कुछ ही घंटों में सफलता
बिजली कंपनी के इस टीम वर्क से कुछ ही घंटों में पूरे शहर की बिजली आपूर्ति बहाल हो गई थी। रात करीब 12 बजे तक पूरे शहर की बिजली आपूर्ति शुरू कर दी गई थी। हालांकि कुछ व्यक्तिगत शिकायतें बच गई थीं, तो उन्हें भी यह टीमें रात निपटा कर दुरूस्त करती रही। जिस बड़े पैमाने पर आंधी ने तबाही मचाई थी, उससे ऐसा लग नहीं रहा था कि रात में बिजली शुरू हो सकेगी, लेकिन कंपनी की टीमों ने इसे संभव कर दिखाया।
इस कारण से नहीं हुए लोग पैनिक
भीषण गर्मी का समय, मच्छरों का आतंक और पूरे शहर की बिजली बंद... इसके बावजूद लोग न पैनिक हुए और न सोशल मीडिया पर लोग आक्रोश व्यक्त करते नजर आए। इसकी वजह यह रही कि सहायक यंत्री श्री पयासी स्वयं हर कॉल न केवल अटैंड करते रहे, बल्कि बड़ी शालीनता से जवाब भी देते रहे। इससे लोगों को यह जानकारी मिलती रही कि कहां फॉल्ट है और कब तक बिजली आपूर्ति शुरू हो जाएगी। इससे लोगों में भी यह भरोसा बना रहा कि काम चालू है और जल्द ही बिजली शुरू हो जाएगी।

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