03RTO Checking in Betul: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। शहर के कोठीबाजार स्थित मेन बस स्टैंड पर उस समय अफरातफरी की स्थिति बन गई जब परिवहन विभाग की टीम औचक निरीक्षण के लिए पहुंची। टीम के पहुंचते ही कुछ ही देर में कभी बसों से ठंसाठस भरा रहने वाला बस स्टैंड पूरी तरह से खाली हो गया। बस स्टैंड पर जो बसें खड़ी थी, वे वहां से तुरंत निकल गईं और जो बसें बस स्टैंड पर पहुंचना था, वे बस स्टैंड पहुंची ही नहीं। इससे जाहिर है कि अधिकांश बसों का संचालन सुरक्षा मानकों का पालन किए बगैर हो रहा है। टीम ने परमिट नहीं होने पर एक बस को जब्त कर लिया है। 

परिवहन विभाग की टीम ने शुक्रवार को कोठीबाजार बस स्टैंड का औचक निरीक्षण कर बसों की जांच-पड़ताल की। इसमें मुख्य रूप से यह देखा गया कि बसों का संचालन सुरक्षा मानकों के अनुरूप किया जा रहा है या नहीं। बसों में फायर एक्सटिंग्विशर है, सुरक्षा यंत्र और इमरजेंसी एग्जिट है या नहीं। जांच के दौरान पाया गया कि एक बस का संचालन बिना परमिट के ही किया जा रहा था। बस चालक से जब दस्तावेज मांगे गए तो उसने बताया कि बस का परमिट महाराष्ट्र से जारी हुआ है। उससे जब मध्यप्रदेश के काउंटर साइन मांगे तो उसने बताया कि अभी मध्यप्रदेश से काउंटर साइन नहीं हो पाए हैं। उससे आगे की कार्यवाही के दस्तावेज मांगे तो वह वे भी उपलब्ध नहीं करवा पाया। इस पर परिवहन विभाग ने यात्रियों के किराए की राशि वापस करवा कर बस को खाली करवा लिया और जब्त कर सुरक्षा के मद्देनजर अपने कार्यालय में उसे खड़ी करवा लिया है। 

अन्य सुरक्षा यंत्र भी नहीं मिले

इनके अलावा कुछ बसों में इमरजेंसी एग्जिट की व्यवस्था नहीं थी। इस पर इन बसों पर चालानी कार्यवाही की गई है। विभागीय अधिकारियों ने मौके पर मौजूद सभी बस चालकों और संचालकों को साफ तौर पर हिदायत दी कि बिना सुरक्षा मानकों को पूरा किए और किसी भी वैध दस्तावेज के बगैर बसों का संचालन नहीं किया जाएं। ऐसा करते पाए जाने पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

बस चालकों में मचा हड़कंप 

परिवहन विभाग की टीम को बस स्टैंड पर जांच-पड़ताल करते हुए देखते ही बस चालकों में हड़कंप मच गया। टीम को देख कर कई चालकों ने अपनी बसों को समय से पहले और पूरी सीटें भरे बगैर ही बस स्टैंड से रवाना कर दी। इसके चलते कई यात्री बस ही नहीं पकड़ सकें। कुछ बस स्टैंड पर होने के बावजूद सवार नहीं हो पाए तो कुछ बस स्टैंड ही नहीं पहुंच पाए। 

बस स्टैंड ही नहीं पहुंची कई बसें 

परिवहन विभाग की चेकिंग की खबर उन बसों तक भी पहुंच गई थीं, जो कि बैतूल बस स्टैंड पहुंचने वाली थी। इसके चलते अधिकांश बस चालक बसों को लेकर बस स्टैंड पहुंचे ही नहीं। बस स्टैंड के काफी पहले ही उन्होंने यात्रियों को उतार दिया और बस लेकर वापस चले गए। इससे कई यात्रियों को भीषण गर्मी की दोपहरी में भारी परेशानी का सामना भी करना पड़ा। इस दौरान वे बसें ही बस स्टैंड पहुंची, जिनके पास सभी दस्तावेज थे और सुरक्षा मानकों का भी पूरी तरह से पालन किया जा रहा था। 

खटारा बसों से सफर करना मजबूरी  

गौरतलब है कि जिले में कई बसों का संचालन नियम कायदों को ताक पर रख किया जा रहा है। कुछ के पास जहां जरुरी दस्तावेज नहीं है तो कुछ में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है। हद तो यह है कि कई ऐसी खटारा बसें भी चल रही हैं, जिन्हें कि रिटायर कर नष्ट कर दिया जाना चाहिए। यहां तक कि कई स्कूल बसों अन्य वाहनों तक का संचालन भी इसी तरह नियमों को ताक पर किया जा रहा है। इस तरह बच्चों की सुरक्षा से सीधे-सीधे खिलवाड़ हो रहा है। 

नियमित चेकिंग से कसेगी लगाम 

जिले में परिवहन विभाग द्वारा नियमित रूप से जांच-पड़ताल नहीं किए जाने से बसों सहित कई वाहनों का संचालन बेखौफ तरीके से किया जा रहा है। कहीं कोई बड़ा हादसा होने पर विभाग द्वारा जांच-पड़ताल की रस्म अदायगी कर दी जाती है। इसके बाद फिर मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है। जागरूक लोगों का कहना है कि यदि विभाग नियमित रूप से और अलग-अलग रूटों पर जाकर इस तरह वाहनों की जांच करें तो कम से कम ऐसे वाहनों का संचालन बंद हो सकेगा जो कि सीधे-सीधे यात्रियों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। 

अवैध मॉडिफिकेशन वाले वाहनों पर ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई 

इधर यातायात पुलिस ने भी दोपहिया एवं चारपहिया वाहनों पर अवैध मॉडिफिकेशन एवं उच्च ध्वनि (डीजे) सिस्टम के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर कार्यवाही की। अभियान के दौरान ऐसे दोपहिया एवं चारपहिया वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई की गई, जिनमें अवैध रूप से मॉडिफिकेशन कर वाहन की संरचना में परिवर्तन किया गया था तथा बाहरी हिस्सों में उच्च ध्वनि वाले डीजे/साउंड सिस्टम स्थापित किए गए थे। पुलिस ने अवैध रूप से स्थापित डीजे/हाई-साउंड सिस्टम को मौके पर हटवाया और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध मोटर व्हीकल अधिनियम के अंतर्गत चालानी कार्रवाई की गई। गंभीर उल्लंघनों के मामलों में वाहनों को जब्त कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की गई।