Betul Collectorate ISO Certification: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। जिले के प्रशासनिक मुख्यालय कलेक्ट्रेट को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप स्थापित करने की दिशा में अब ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि कलेक्ट्रेट को आईएसओ सर्टिफिकेट दिलाने के लिए जल्द सर्वे होना है। इससे पहले व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू हो गई हैं। प्रशासन का फोकस कार्यालय की कार्यप्रणाली, नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता और बुनियादी सुविधाओं को मानकों के अनुरूप सुधारने पर है।

जानकारी के मुताबिक, आईएसओ सर्टिफिकेशन के लिए निर्धारित मापदंडों में साफ-सफाई, रिकॉर्ड प्रबंधन, समयबद्ध सेवा वितरण, शिकायत निवारण तंत्र और पारदर्शिता प्रमुख बिंदु होते हैं। इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में सुधार कार्य तेज कर दिए गए हैं। कार्यालय के विभिन्न विभागों में फाइलों का व्यवस्थित रख-रखाव, डिजिटल रिकॉर्ड को अपडेट करना और दस्तावेजों के संधारण में एकरूपता लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

व्यवस्थाएं बेहतर बनाने विशेष अभियान

इसके अलावा, परिसर में साफ-सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। प्रवेश द्वार से लेकर सभी शाखाओं तक स्वच्छता बनाए रखने, संकेतक बोर्ड (साइनएज) स्पष्ट रूप से लगाने और नागरिकों के लिए बैठने, पेयजल व शौचालय जैसी सुविधाओं को उन्नत किया जा रहा है। दिव्यांगजन के लिए रैंप और अन्य आवश्यक सुविधाओं को भी प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि सभी वर्गों के लिए कार्यालय सुगम बन सके।

मानकों के अनुरूप कार्य का प्रशिक्षण 

प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण कर तैयारियों की समीक्षा की जा रही है। कर्मचारियों को भी आईएसओ मानकों के अनुरूप कार्य करने के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे वे सेवा प्रदायगी में गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित कर सकें। शिकायत निवारण प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए हेल्पडेस्क और फीडबैक सिस्टम को मजबूत किया जा रहा है।

बारीकी से किया जाएगा मूल्यांकन 

बताया जा रहा है कि सर्वे टीम द्वारा कलेक्ट्रेट की व्यवस्थाओं का बारीकी से मूल्यांकन किया जाएगा, जिसमें कार्यालय की कार्यशैली, दस्तावेजों का संधारण, नागरिकों को मिलने वाली सुविधाएं और पारदर्शिता जैसे पहलुओं को परखा जाएगा। इसके आधार पर ही आईएसओ सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा।

नागरिकों को मिलेंगे यह बड़े फायदे 

कलेक्ट्रेट को आईएसओ सर्टिफिकेट मिलने से न केवल प्रशासनिक कार्यप्रणाली में सुधार होगा, बल्कि आम नागरिकों को भी बेहतर और समयबद्ध सेवाएं मिल सकेंगी। यह पहल जिले में सुशासन और पारदर्शिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।