शिकायत दर्ज करने के नियम सख्त, व्हाट्सएप रिपोर्ट नहीं होगी मान्य
MP पावर ट्रांसमिशन कंपनी का बड़ा फैसला: व्हाट्सएप रिपोर्टिंग अब होगी अमान्य, 'आराताई' एप का उपयोग हुआ अनिवार्य
जबलपुर: मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने सूचनाओं के आदान-प्रदान और विभागीय गोपनीयता को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कंपनी के परीक्षण एवं संचार विभाग में अब व्हाट्सएप के जरिए की जाने वाली आधिकारिक रिपोर्टिंग को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसके स्थान पर अब स्वदेशी तकनीक से निर्मित 'आराताई' (Aratai) एप का उपयोग अनिवार्य होगा।
1 अप्रैल से लागू हुई नई व्यवस्था
मुख्य अभियंता राजीव अग्रवाल के निर्देशानुसार, जबलपुर मुख्यालय से यह नई संचार नीति पूरे प्रदेश में प्रभावी कर दी गई है। राज्य के सभी 417 सबस्टेशनों में सूचनाओं के लेन-देन के लिए अब व्हाट्सएप ग्रुपों का उपयोग बंद कर दिया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा और डेटा गोपनीयता के लिहाज से स्वदेशी एप को प्राथमिकता दी जा रही है।
व्हाट्सएप मैसेज भेजने पर माना जाएगा 'एब्सेंट'
नई गाइडलाइन के तहत विभाग ने कड़े निर्देश जारी किए हैं:
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अमान्य रिपोर्टिंग: व्हाट्सएप ग्रुप या व्यक्तिगत संदेश के जरिए भेजी गई किसी भी सूचना या रिपोर्ट को आधिकारिक तौर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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अनुशासनात्मक श्रेणी: यदि कोई कर्मचारी केवल व्हाट्सएप पर जानकारी साझा करता है, तो उसे 'रिपोर्ट न करने' (Non-reporting) की श्रेणी में माना जाएगा, जिसके लिए संबंधित कर्मचारी जिम्मेदार होगा।
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ग्रुप ट्रांसफर: संभागीय, वृत और मुख्य अभियंता कार्यालय के सभी पुराने व्हाट्सएप ग्रुपों को 'आराताई' एप पर शिफ्ट कर दिया गया है।
स्वदेशी तकनीक और सुरक्षा पर जोर
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बिजली जैसे संवेदनशील क्षेत्र में डेटा की सुरक्षा और गोपनीयता अत्यंत आवश्यक है। विदेशी सोशल मीडिया एप्स पर निर्भरता कम करने और सरकारी कामकाज को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से ही इस स्वदेशी एप को अनिवार्य किया गया है। अब सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने दैनिक विभागीय कार्यों के लिए केवल इसी सुरक्षित माध्यम का उपयोग करना होगा।

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