Swati Maliwal का बयान: मुख्यमंत्री को बर्खास्त करने की मांग
चंडीगढ़ | पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान पर शराब के नशे में होने के आरोपों ने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है। आम आदमी पार्टी की पूर्व सांसद और अब भाजपा नेता स्वाति मालीवाल ने इस मुद्दे पर बेहद तीखा रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री के तत्काल 'अल्कोहल टेस्ट' की मांग की है। मालीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक विवादित पोस्ट साझा करते हुए आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री मान कई महत्वपूर्ण मौकों पर नशे की हालत में रहे हैं, यहाँ तक कि उन्होंने पूर्व में विदेश यात्रा के दौरान प्लेन से उतारे जाने वाली कथित घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने मुख्यमंत्री के आचरण को 'बेशर्मी' करार देते हुए कहा कि जो व्यक्ति संवेदनशील सीमावर्ती राज्य की फाइलें नशे की हालत में साइन करता हो, उसे पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने केंद्र और राज्यपाल से मांग की है कि जांच में दोषी पाए जाने पर मुख्यमंत्री को तुरंत बर्खास्त किया जाना चाहिए।
विधानसभा सत्र पर कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन: एल्कोमीटर लाने की उठी मांग
मजदूर दिवस के अवसर पर बुलाए गए विशेष सत्र को लेकर कांग्रेस की पंजाब इकाई ने चंडीगढ़ की सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह सत्र केवल एक 'राजनीतिक नाटक' है और सरकार को इसके बजाय मजदूरों की दिहाड़ी बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए। सदन के भीतर विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने मोर्चा संभालते हुए मांग की कि विधानसभा के सभी दरवाजे बंद कर हर विधायक का एल्कोमीटर टेस्ट कराया जाए। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की स्थिति ऐसी नहीं थी कि वह सदन की गरिमा को बनाए रख सकें। विपक्ष ने स्पष्ट किया कि जब तक मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य और स्थिति की निष्पक्ष जांच नहीं होती, वे सरकार की नीतियों का विरोध जारी रखेंगे। इस पूरे विवाद ने सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कड़वाहट को और बढ़ा दिया है।

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