Tejashwi Yadav का बयान: भाजपा को बिहार का नाम ‘श्रमिक प्रदेश’ रखना चाहिए
पटना | अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर बिहार की सियासत में जुबानी तीर तेज हो गए हैं। नेता प्रतिपक्ष और राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने श्रमिकों को शुभकामनाएं देने के साथ ही केंद्र और राज्य की एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोला है। तेजस्वी यादव ने बिहार से होने वाले भारी पलायन पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य की वर्तमान स्थिति को देखते हुए 'श्रमिक दिवस' का नाम बदलकर 'बिहार समर्पित दिवस' कर देना चाहिए। उन्होंने तंजिया लहजे में यह भी कहा कि नाम बदलने की राजनीति में माहिर भाजपा नेताओं और मुख्यमंत्री को अब बिहार का नाम बदलकर 'श्रमिक प्रदेश' रख देना चाहिए, क्योंकि यह राज्य देश भर में मजदूरों की आपूर्ति करने वाला सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है। तेजस्वी ने स्पष्ट किया कि देश के निर्माण में श्रमिकों का योगदान अतुलनीय है, लेकिन उनकी बेहतरी और सामाजिक उत्थान पर कोई ठोस चर्चा नहीं हो रही है।
एनडीए की नीतियों पर निशाना: पलायन और बेरोजगारी को बताया सरकार की विफलता
राजद नेता ने डबल इंजन सरकार की आर्थिक नीतियों को पूरी तरह 'पूंजीपरस्त' करार देते हुए आरोप लगाया कि पिछले 21 वर्षों से जारी राजग की गरीब विरोधी नीतियों ने बिहार को बदहाली की कगार पर ला खड़ा किया है। उन्होंने भयावह आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि प्रतिवर्ष बिहार से करीब चार करोड़ लोग आजीविका की तलाश में दूसरे राज्यों का रुख करते हैं, जहाँ उन्हें अक्सर अपमान और हिंसा का सामना करना पड़ता है। तेजस्वी ने नोटबंदी, लॉकडाउन और वर्तमान में गैस सिलेंडर की कीमतों से उपजे संकट का जिक्र करते हुए कहा कि इन परिस्थितियों ने सबसे अधिक चोट प्रवासी मजदूरों पर ही की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बिहार के श्रमिक काम बंद कर दें तो अन्य राज्यों की फैक्ट्रियों के पहिए थम जाएंगे। अंत में, उन्होंने बिहार से पलायन रोकने और मजदूरों के जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए प्रदेशवासियों से एकजुट होकर संकल्प लेने का आह्वान किया।

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