मध्य प्रदेश में मौसम का कहर, 17 जिलों में ओले और बारिश का अलर्ट
भोपाल: मध्य प्रदेश में इस समय कुदरत के दो अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। जहां प्रदेश का एक बड़ा हिस्सा 45 डिग्री वाली झुलसाने वाली गर्मी की चपेट में है, वहीं दूसरी ओर अचानक सक्रिय हुए मौसमी सिस्टम ने कई जिलों में ओलावृष्टि और आंधी-बारिश का दौर शुरू कर दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले 24 घंटों के लिए राज्य के 17 जिलों में 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है, जिसमें तेज हवाओं के साथ ओले गिरने की चेतावनी दी गई है।
इन 17 जिलों में आफत बनकर बरसेगा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ और ट्रफ लाइन के मेल से बने चक्रवाती घेरे के कारण ग्वालियर-चंबल संभाग और बुंदेलखंड के इलाकों में मौसम सबसे ज्यादा बिगड़ा रहेगा। इन जिलों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी हवाएं चलने की आशंका है:
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ग्वालियर-चंबल: ग्वालियर, मुरैना, भिंड और दतिया।
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बुंदेलखंड और बघेलखंड: निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली।
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पूर्वी मध्य प्रदेश: शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, सिवनी और बालाघाट।
इन क्षेत्रों में बिजली गिरने और पेड़ों के धराशायी होने का खतरा बना हुआ है, जिससे जनजीवन और बिजली आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
राजधानी समेत बाकी हिस्सों में 'लू' का प्रकोप
एक तरफ जहां ओलावृष्टि की चेतावनी है, वहीं भोपाल, इंदौर और उज्जैन जैसे प्रमुख शहरों समेत मध्य और पश्चिमी मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी का तांडव जारी है। राजधानी भोपाल, इंदौर, जबलपुर और उज्जैन सहित करीब 30 से ज्यादा जिलों में तापमान सामान्य से 4 डिग्री तक ऊपर चल रहा है। यहां लू (Heat Wave) जैसे हालात बने हुए हैं, जिससे दिन के समय सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है।
पश्चिमी विक्षोभ और ट्रफ लाइन ने बिगाड़ा खेल
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर भारत में सक्रिय एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ और मध्य भारत से गुजर रही ट्रफ लाइन की वजह से नमी और गर्मी का टकराव हो रहा है। इसी 'वेदर सिस्टम' के कारण एक ही समय में राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बिल्कुल विपरीत स्थितियां बनी हुई हैं। यह अनिश्चितता अगले 2 से 3 दिनों तक जारी रहने की संभावना है।
प्रशासन की सलाह: सुरक्षित रहें, सतर्क रहें
बिगड़ते मौसम को देखते हुए प्रशासन ने एडवाइजरी जारी की है:
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आम नागरिक: खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
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किसान भाई: ओलावृष्टि की आशंका वाले जिलों में किसान कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर ढक कर रखें।
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यात्री: तेज आंधी के दौरान सड़क यात्रा से बचें और दृश्यता कम होने पर वाहन सुरक्षित स्थान पर खड़ा कर दें।
मौसम विभाग का अनुमान है कि 3 मई के बाद तापमान में धीरे-धीरे स्थिरता आएगी और आंधी-बारिश का यह सिलसिला थमेगा। फिलहाल, प्रदेशवासियों को गर्मी और आंधी के इस दोहरे वार से बचने के लिए सतर्क रहने की जरूरत है।

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