ट्रंप का बड़ा दावा: ईरान की नेवी-एयरफोर्स खत्म, ईरान ने दी कड़ी धमकी
वॉशिंगटन/तेहरान: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य और आर्थिक दबाव के बीच एक चौंकाने वाला बयान दिया है। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से चर्चा के दौरान ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सैन्य अभियानों ने ईरान की सैन्य शक्ति की कमर तोड़ दी है। ट्रंप के अनुसार, ईरान की नौसेना और वायु सेना लगभग समाप्त हो चुकी है और उनकी परमाणु क्षमता को "पूरी तरह से नष्ट" कर दिया गया है। ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान के ड्रोन निर्माण उद्योग में 82 प्रतिशत की गिरावट आई है और वहां की अर्थव्यवस्था अब पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है।
ईरान की चेतावनी: 'दुखद और लंबे हमले होंगे'
राष्ट्रपति ट्रंप के दावों के विपरीत, ईरान ने इसे "बड़े झूठ" का पुलिंदा करार दिया है। ईरान के सर्वोच्च नेता मोज्तबा खामेनेई और विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि उनकी परमाणु और मिसाइल क्षमताएं सुरक्षित हैं। ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने फिर से हमला करने की हिमाकत की, तो उसे "लंबे और दर्दनाक" जवाबी हमलों का सामना करना पड़ेगा।
होर्मुज की खाड़ी का संकट: तेहरान ने होर्मुज की खाड़ी पर नए कड़े नियम लागू करने और इसे ब्लॉक करने के संकेत दिए हैं। इस तनाव के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। 1 मई 2026 को ब्रेंट क्रूड $111 प्रति बैरल के पार पहुँच गया है, जिससे दुनिया भर में आर्थिक मंदी और महंगाई का खतरा मंडराने लगा है।
इजरायल-UAE रक्षा गठबंधन: 'आयरन डोम' की पहली विदेशी तैनाती
मध्य पूर्व में बदलते समीकरणों के बीच एक बड़ी खबर यह आई है कि इजरायल ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की सुरक्षा के लिए अपना घातक 'आयरन डोम' एयर डिफेंस सिस्टम और 'आयरन बीम' (लेजर आधारित सिस्टम) तैनात किया है। यह पहली बार है जब इजरायल ने अपनी रक्षा तकनीक और सैनिकों को किसी अरब देश की सुरक्षा के लिए भेजा है। रिपोर्टों के अनुसार, इस सिस्टम ने ईरान द्वारा दागी गई दर्जनों मिसाइलों और ड्रोनों को सफलतापूर्वक मार गिराया है, जो अब्राहम एकॉर्ड्स के तहत दोनों देशों के बीच बढ़ते सैन्य सहयोग को दर्शाता है।
भारत-पाक संघर्ष और '200% टैरिफ' का दावा
राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बार फिर दक्षिण एशिया में शांति स्थापित करने का श्रेय लेते हुए भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध रुकवाने का जिक्र किया। ट्रंप ने दावा किया कि साल 2025 में जब दोनों परमाणु संपन्न देशों के बीच तनाव चरम पर था और 11 विमान गिरा दिए गए थे, तब उन्होंने 200 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी देकर युद्ध रुकवाया था। ट्रंप का कहना है कि उन्होंने दोनों देशों के नेताओं को स्पष्ट कर दिया था कि यदि लड़ाई बंद नहीं हुई, तो वे अमेरिका के साथ व्यापार पूरी तरह खो देंगे। उन्होंने दावा किया कि इस हस्तक्षेप से 2.5 करोड़ से 5 करोड़ लोगों की जान बची। हालांकि, भारतीय पक्ष ने हमेशा की तरह साफ किया है कि युद्धविराम सैन्य अधिकारियों (DGMO) के बीच बातचीत के जरिए हुआ था।

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