Wheat procurement Betul: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। किसानों के लिए बड़ी राहत भरी खबर है। गेहूं खरीदी के लिए स्लॉट बुकिंग की तारीख और बढ़ा दी गई है। स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि 9 मई से बढ़ाकर 23 मई कर दी गई है। इधर 10 अप्रैल से गेहूं खरीदी शुरू होने के बाद से एक के बाद एक परेशानियों का दौर जारी है। इसके बावजूद गेहूं खरीदी के कई मामलों में जिला इस साल आगे हो गया है। इसके अलावा स्लॉट बुक नहीं होने की समस्या को देखते हुए ई-उपार्जन पोर्टल को एम राशन मित्र के सर्वर से जोड़ा गया है। जिसके बाद धीमी रफ्तार से ही सही पर स्लॉट बुक होने लगे हैं। वहीं गोदामों को खाली करने के लिए हितग्राहियों को 2 महीने का अग्रिम राशन भी दिया जा रहा है। 

इस साल गेहूं खरीदी शुरू होने का किसानों को बड़ा इंतजार था। वजह यह थी कि बाजार में गेहूं के दाम कम चल रहे थे। इससे किसान चाह रहे थे कि उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य तो मिल जाए। लेकिन, गेहूं खरीदी शुरू होने के बाद से लगातार कोई न कोई समस्या आती रही तो दूसरी ओर सरकार ने भी सैटेलाइट सर्वे जैसा पेंच लाकर किसानों की परेशानियों में इजाफा ही किया।

स्लॉट बुकिंग में लगातार आ रही परेशानियों को देखते हुए स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि 9 मई से बढ़ाकर 23 मई कर दी गई है। उपार्जन केन्द्रों पर जरुरत के अनुसार तौल कांटों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। एनआईसी के माध्यम से स्लॉट बुकिंग की तकनीकी क्षमता भी बढ़ाई गई है, जिससे स्लॉट बुकिंग में आने वाली समस्याओं का समाधान होगा। अधिकारियों के मुताबिक ई-उपार्जन के पोर्टल को एम राशन मित्र पोर्टल के सर्वर से जोड़ा है। इसके बाद धीमी गति से ही सही पर स्लॉट बुक होने लगे हैं। जल्द ही इसकी रफ्तार भी बढ़ जाएगी। 

मुख्यमंत्री करेंगे उपार्जन केन्द्रों का औचक निरीक्षण

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश में उपार्जन केंद्र पर चल रही गेहूँ उपार्जन की प्रक्रिया का आने वाले दिनों में आकस्मिक निरीक्षण करेंगे और किसानों से संवाद कर व्यवस्थाओं की जानकारी लेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव यह भी देखेंगे कि निर्देशानुसार शासन-प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली सभी सुविधाएं किसानों को प्राप्त हो रही है या नहीं।

इस साल बीते साल से ज्यादा पंजीयन

परेशानियों का दौर तो अभी भी जारी है, लेकिन इस बीच गेहूं खरीदी के मामले में कुछ चीजों में अभी ही बैतूल जिला पिछले साल के मुकाबले बेहतर स्थिति में आ गया है। पंजीयन के मामले में तो पहले इस साल बेहतर स्थिति में आ गए थे। इस साल कुल पंजीयन 18979 हुए हैं जबकि पिछले साल 12819 पंजीयन ही हुए थे। 

अब इन मामलों में भी हुए आगे 

अब स्लॉट बुकिंग और गेहूं बेचने वाले किसानों की संख्या के मामले में भी आगे हो चुके हैं। पिछले साल पूरी खरीदी में कुल 4410 किसानों ने ही स्लॉट बुक कराया था। वहीं इस साल अभी तक ही 6910 किसान स्लॉट बुक करवा चुके हैं। इसके अलावा पिछले साल कुल 3958 किसानों ने ही गेहूं बेचा था, लेकिन इस साल आज तक ही 3992 किसान अपना गेहूं बेच चुके हैं। 

सुविधाओं में किया जा रहा इजाफा 

किसानों को परेशानी न हो, इसके लिए सुविधाओं में भी इजाफा किया जा रहा है। तौल क्षमता बढ़ाने के लिए सभी केंद्रों पर 6-6 तौल कांटे लगाए गए हैं। जरुरत पड़ने पर इनकी संख्या और बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा बारदाने भी पर्याप्त संख्या में हैं। अब बस किसानों को इस बात का इंतजार है कि तकनीकी खामियां जल्द दुरूस्त हो और तेजी से खरीदी शुरू हों ताकि वे जल्द से जल्द अपनी उपज बेच सके। 

गोदाम खाली करने उठाया यह कदम 

कोशिश यह भी की जा रही है कि खरीदे जाने वाले गेहूं का स्टॉक करने गोदाम भी पर्याप्त खाली रहे। इसके लिए सरकार अप्रैल माह में दिए जाने वाले राशन के साथ-साथ मई और जून माह का राशन भी अग्रिम दे रही है। जिले की सभी 662 राशन दुकानों के जरिए हितग्राहियों को यह राशन वितरित किया जा रहा है। जिले 3 लाख, 12 हजार, 658 राशन कार्ड हैं। इनमें करीब 12 लाख, 50 हजार सदस्य शामिल हैं, जिन्हें फ्री राशन का लाभ मिल रहा है। 

जिले को इतना मिला है आवंटन 

जिला आपूर्ति अधिकारी केके टेकाम बताते हैं कि गेहूं का मई के लिए 5545 और जून के लिए 5550 मेट्रिक टन और चावल का मई के लिए 1312 और जून के लिए 1312 मेट्रिक टन का आवंटन मिला है। इस तरह गेहूं और चावल का मई माह के लिए 6857 मेट्रिक टन और जून के लिए 6863 मेट्रिक टन का आवंटन जिले को प्राप्त हुआ है। इसका वितरण किया जा रहा है।