Betul Collector Jansunwai: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। मंगलवार को कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में पहली दफा बेहद लंबी कतार लगी नजर आई। इसके २ मायने हैं। पहला यह कि महज ३ हफ्तों की नवागत कलेक्टर डॉ. सौरभ सोनवणे की वर्किंग देख कर लोगों का उन पर भरोसा बढ़ने के साथ ही उनसे उम्मीदें भी जाग गई है। दूसरा यह कि कलेक्टर डॉ. सोनवणे बार-बार ब्लॉक स्तर पर जनसुनवाई को प्रभावी बनाने के निर्देश दे रहे हैं, लेकिन लोगों का भरोसा अभी ब्लॉक स्तरीय जनसुनवाई के प्रति बढ़ नहीं पाया है। इन्हीं दो कारणों से लोग छोटी-छोटी सी समस्या लेकर भी जिला मुख्यालय पहुंच रहे हैं। 

कलेक्ट्रेट में हर मंगलवार को होने वाली जनसुनवाई में आज अलग ही नजारा नजर आया। आज कलेक्ट्रेट में जैसे लोगों का हुजूम ही उमड़ पड़ा। सभा कक्ष के भीतर  तो बड़ी संख्या में लोग थे ही, बाहर भी फरियादियों की लंबी कतार लगी थी। यह नजारा देख लोग यह कहते नजर आए कि जनसुनवाई तो सालों से हो रही है पर बिना किसी सामूहिक शिकायत के व्यक्तिगत रूप से अपनी-अपनी शिकायतें लेकर आए इतने लोग पहली बार दिख रहे हैं।

स्थिति यह थी कि पहले शिकायत दर्ज करने केवल एक काउंटर रहता था, लेकिन आज ३-३ काउंटर शुरू करने पड़े। इधर आवेदक हैं कि कम होने का नाम ही नहीं ले रहे थे। जनसुनवाई का समय दोपहर १ बजे तक ही रहता है, लेकिन आज इसके बाद भी आवेदकों की कतार लगी रही। दोपहर करीब डेढ़ बजे जब कलेक्टर सभाकक्ष से उठकर बाहर आ गए तब भी बड़ी तादाद में लोग आवेदन लेकर खड़े थे। 

इसलिए कलेक्ट्रेट पहुंच रहे लोग 

शिकायतें और समस्याएं लेकर आए लोगों का कहना है कि नए साहब (कलेक्टर) आवेदकों को पूरा सम्मान देते हुए पहले तो कुर्सी पर बिठालते हैं और फिर पूरी संवेदनशीलता दिखाते हुए आवेदक की पूरी शिकायत या समस्या सुनते हैं। इसके बाद संबंधित अधिकारियों को इसके निराकरण के निर्देश भी देते हैं। उनकी यही आत्मीयता और अपनापन लोगों को कलेक्ट्रेट तक आने को मजबूर कर देता है। इसके अलावा इतने दिनों में नवागत कलेक्टर डॉ. सोनवणे की जो वर्किंग स्टाइल लोग देख रहे हैं, उससे भी लोगों का भरोसा उन पर बढ़ा है। 

इस कमजोरी की ओर भी है इशारा 

लोगों की यह लंबी कतार एक कमजोरी की ओर भी इशारा करती है, वह यह कि ब्लॉक स्तरीय जनसुनवाई प्रभावी नहीं हो पा रही है। नवागत कलेक्टर डॉ. सोनवणे पहले दिन से ब्लॉक स्तरीय जनसुनवाई पर फोकस कर रहे हैं और लगातार निर्देश भी दे रहे हैं पर लोग ब्लॉक स्तर के अधिकारियों पर भरोसा करने को तैयार नहीं है। एक दिन पहले भी कलेक्टर ने यही निर्देश जारी कर इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं किए जाने की चेतावनी दी थी। 

ब्लॉकों में पहले से हैं हाल बेहाल 

ब्लॉक स्तर पर लोगों का भरोसा नहीं होने की वजह भी है। कई अधिकारी जहां मंगलवार को दफ्तर में हाजिर ही नहीं रहते, वहीं जो रहते भी हैं वे लोगों की समस्या को जरा भी गंभीरता से नहीं लेते और न ही निराकरण में रूचि लेते हैं। यही कारण है कि अब लोगों ने भी ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों के पास जाना ही छोड़ दिया है। इससे उन्हें अपना कीमती समय और रुपये खर्च कर बैतूल आना होता है। जबकि कई शिकायतों का निराकरण ब्लॉक में ही हो सकता है और कलेक्ट्रेट से भी अधिकांश शिकायतों को निराकरण के लिए ब्लॉकों में ही भेजा जाता है। अब उम्मीद जताई जा रही है कि नए कलेक्टर ब्लॉक स्तरीय जनसुनवाई प्रभावी रूप से शुरू करवा कर लोगों का भरोसा भी इसमें बढ़ाने में सफल रहेंगे। 

आज जनसुनवाई में पहुंचे प्रमुख मामले

- आमला तहसील निवासी सुनीता बिंझाड़े ने मकान निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। इस पर कलेक्टर ने आमला एसडीएम को जांच कर शीघ्र पट्टा संबंधी समस्या के निराकरण के निर्देश भी दिए गए।
- मुलताई निवासी विजय हजारे ने नक्शा दुरुस्ती नहीं होने की समस्या बताई, जिस पर कलेक्टर ने तहसीलदार मुलताई को आवेदक की समस्या का शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए। 
- भैंसदेही निवासी आशुतोष मालवीय ने नक्शा सुधार नहीं होने की शिकायत की। प्राप्त आवेदन पर कलेक्टर ने २ सप्ताह के अंदर प्रकरण का समुचित निराकरण करने के निर्देश एसडीएम भैंसदेही को दिए। 
- आमला तहसील के ग्राम मालेगांव निवासी जयपाल यदुवंशी, ग्राम पंचायत साईंखेड़ा खुर्द के वार्डवासियों ने पेयजल की समस्या के लिए आवेदन दिया। जिस पर कलेक्टर ने आमला और प्रभात पट्टन जनपद सीईओ, पीएचई के संबंधित अधिकारी को पेयजल समस्या का त्वरित निराकरण किए जाने के निर्देश दिए। 
- प्रभात पट्टन तहसील के ग्राम बिसनूर निवासी प्रहलाद साहू द्वारा ऋण पुस्तिका बनाने के आवेदन पर कलेक्टर ने प्रभात पट्टन तहसीलदार को आवेदक की समस्या के निराकरण के निर्देश दिए। 
- प्रभात पट्टन की ग्राम पंचायत साईंखेड़ा खुर्द में निर्माण कार्यों की जांच किए जाने के लिए ग्रामीणों ने आवेदन दिया। जिस पर कलेक्टर ने सीईओ जनपद प्रभात पट्टन को प्रकरण की जांच कर शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। 
- मुलताई तहसील निवासी नकुल मौजी ने अनावेदक द्वारा रास्ते से आवागमन नहीं किए जाने देने की शिकायत की। कलेक्टर डॉ सोनवणे ने प्रभातपट्टन तहसीलदार को समस्या के निराकरण के निर्देश दिए।