City Mission Manager termination: सीएमओ की बड़ी कार्रवाई: पदीय दायित्वों में लापरवाही पर सिटी मिशन मैनेजर की सेवा समाप्त
City Mission Manager termination: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। नगर पालिका सीएमओ नवनीत पांडेय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सिटी मिशन मैनेजर (सीएमएम) हंसराज मसतकर की सेवा समाप्त कर दी है। पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरते जाने पर यह कार्रवाई की गई है। इस संबंध में उन्होंने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अपर आयुक्त एवं मिशन संचालक को पत्र लिखकर सूचित भी कर दिया है। इधर हंसराज मसतकर ने आरोप लगाया है कि उनके खिलाफ षड़यंत्रपूर्वक एकपक्षीय कार्रवाई की जा रही है।
सीएमओ श्री पांडेय के अनुसार राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन अंतर्गत निकाय में पदस्थ सीएमएम की कार्यप्रणाली की निरंतर समीक्षा के दौरान यह पाया गया है कि उनके द्वारा पदीय दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही बरती जा रही है। वे न तो मुख्यालय पर निवास कर रहे हैं और न ही निर्धारित समय पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। अत्यंत महत्वपूर्ण शासकीय कार्यों और शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं के प्रति उनका रवैया निरंतर उदासीन और स्वेच्छाचारी बना हुआ है। उनकी कार्यप्रणाली में सुधार हेतु पूर्व में 5 शोकॉज नोटिस जारी किए गए थे।
इनमें 19 अप्रैल 2026 को नारी सशक्तिकरण सम्मेलन में अनुपस्थित रहने और बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने के संबंध में, 15 अप्रैल 2026 को एक नोटिस दीनदयाल रसोई व आश्रय स्थल प्रभारी होने के बावजूद आकस्मिक निरीक्षण में अनुपस्थित पाए जाने और आमला से अप-डाउन करने तथा दूसरा प्रोग्रेस रिपोर्ट प्रस्तुत न करने व ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज न करने के संबंध में, 28 जुलाई 2025 को वरिष्ठ कार्यालयों से प्राप्त पत्रों व आवेदनों को लेने से मना और अनुशासनहीनता बरतने के संबंध में तथा 9 मई 2025 को ई-केवाईसी एवं डुप्लीकेसी कार्य में प्रगति न लाने के संबंध में कारण बताओ सूचना पत्र जारी किए गए थे।
कार्यशैली में नहीं किया कोई सुधार
इन सूचना पत्रों के माध्यम से चेतावनी दिए जाने के बावजूद उन्होंने अपनी कार्य शैली में कोई सुधार नहीं किया और उनके द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाए गए हैं। आयुक्त द्वारा भी निर्देशित किया गया है कि वर्तमान में कार्यरत सीएमएम के अनुबंध संचालनालय स्तर पर प्रभावशाली नहीं है। मुख्य नगर पालिका अधिकारी द्वारा नगरीय निकायों में कार्यरत समस्त सीएमएम एवं सामुदायिक संगठकों की सेवा संबंधी निर्णय निकाय स्तर पर लिया जा सकता है।
निकाय की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं
सीएमओ श्री पांडेय के अनुसार विगत कुछ महीनों से शासन से एनयूएलएम शाखा स्टाफ के वेतन भुगतान हेतु राशि प्राप्त न होने के कारण वर्तमान में निकाय निधि से वेतन भुगतान किया जा रहा है। वर्तमान में निकाय की वित्तीय एवं आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। सीएमएम हंसराज मसतकर द्वारा निरंतर लापरवाही एवं कार्यप्रणाली को दृष्टिगत रखते हुए निकाय पर भारित है, उन्हें निकाय निधि से भुगतान किया जाना संभव नहीं है। साथ ही निकाय को उनकी सेवा की आवश्यकता नहीं है।
मसतकर बोले- एकपक्षीय कार्रवाई, शिकायत दर्ज कराई
इधर सेवा से मुक्त किए गए सीएमएम हंसराज मसतकर ने इस कार्यवाही को एकपक्षीय, द्वेषपूर्ण एवं तथ्यों के विपरीत बताते हुए उच्च स्तर पर शिकायत दर्ज कराई है। उनका कहना है कि उनका पक्ष सुने बिना ही उन्हें आरोपित किया गया, जो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विरूद्ध है। उनके मुताबिक उन्हें जिन योजनाओं का दायित्व सौंपा है, उनका कार्य वे सक्रियता से कर रहे हैं और उनके कार्यकाल में प्रगति राज्य स्तर पर उच्च श्रेणी में रही है। सीएमओ द्वारा उन्हें व्यक्तिगत रूप से लक्षित किया जा रहा है और वेतन रोका गया है और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।
उन्होंने बैठकों में धमकी देने और अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप भी लगाया। कुछ कारण बताओ नोटिस तथ्यों के विपरीत एवं षड़यंत्रपूर्वक जारी किए गए हैं। उन्होंने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग से निष्पक्ष जांच कराने एवं न्याय प्रदान करने की मांग की है। इस संबंध में सीएमओ श्री पांडेय का कहना है कि उनका किसी से कोई व्यक्तिगत नहीं है। वे तो सभी से नियमानुसार कार्य भर करवा रहे हैं। शासन ने ही उन्हें यह जिम्मेदारी दी है।

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