Gram Panchayat Scam: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। जिले के भीमपुर क्षेत्र में करोड़ों के एसबीएम में फर्जीवाड़े के बाद अब एक और बड़ा घोटाला सामने आया है। यहां एक ऐसे वेंडर को ग्राम पंचायतों ने करोड़ों रुपये का भुगतान कर दिया है, जिसके पास न दुकान है, न गोदाम है और न ही इतनी बड़ी सप्लाई के लिए पर्याप्त संसाधन ही हैं। इस मामले की भनक लगने पर जनपद पंचायत भीमपुर के सीईओ ने 4 ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव और रोजगार सहायकों को शोकॉज नोटिस जारी किए हैं। इनसे 3 दिनों में जवाब तलब किया गया है। वहीं जागरूक लोगों ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग उठाई है। 

भीमपुर जनपद पंचायत के चांदू सेक्टर की ग्राम पंचायतों में करोड़ों रुपये के संदिग्ध भुगतान का मामला सामने आया है। बताया जाता है कि ग्राम पंचायत डोक्या, रंभा, पल्सया एवं चांदू में शासकीय योजनाओं के तहत हुए भुगतानों में एक ही वेंडर  'श्री जी ट्रेडर्स, जामुनढानाÓ को बड़े पैमाने पर राशि जारी किए जाने का खुलासा हुआ है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मनरेगा योजना के अंतर्गत ही करीब 1.84 करोड़ का भुगतान इस वेंडर को किया गया है। इसके अलावा अन्य बिलों के जरिए 1.05 से 1.15 करोड़ की राशि जारी हुई है। इन पंचायतों से एक ही वेंडर को इतने बड़े पैमाने पर राशि का भुगतान किए जाने को लेकर लोग हैरान नजर आ रहे हैं। 

किस पंचायत से कितना हुआ भुगतान

भुगतान को लेकर यह बात सामने आई है कुल लगभग 1.84 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। जिसमें डोक्या पंचायत से 35.41 लाख, रंभा पंचायत से 70.89 लाख, पलस्या पंचायत से 49.04 लाख और चांदू पंचायत से 28.74 लाख रुपये का भुगतान शामिल है। इसके अलावा करीब 100 बिलों के जरिए 1 करोड़ रुपये से अधिक अतिरिक्त भुगतान की भी आशंका जताई गई है। 15वें वित्त आयोग की राशि जोड़ने पर यह आंकड़ा 5 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।

उपकृत करने नियमों की अनदेखी

पंचायती राज नियमों के अनुसार 25 हजार से अधिक की सामग्री खरीदी में टेंडर प्रक्रिया और क्रय समिति का गठन अनिवार्य है, लेकिन इन नियमों की इन पंचायतों में अनदेखी सामने आई है। एक ही वेंडर को बार-बार भुगतान किए जाने से मामला और संदिग्ध हो गया है। 

कैसे कर दी इतनी सामग्री की सप्लाई 

यह बात किसी के गले नहीं उतर रही है कि उक्त वेंडर ने इतनी सप्लाई कैसे और कहां से कर दी, जिसके पास कोई संसाधन ही नहीं है। बताया जाता है कि वेंडर के पास न कोई स्पष्ट दुकान है और न ही गोदाम है। इसके अलावा इतनी सप्लाई के लिए पर्याप्त संसाधन, मशीनरी और भौतिक ढांचा भी उपलब्ध नहीं है। इसके बावजूद भारी-भरकम भुगतान किया जाना खुद ही संदेह के घेरे में आ गया है। 

जनपद सीईओ ने जारी किए नोटिस 

यह मामला सामने आने पर जनपद पंचायत भीमपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने ग्राम पंचायत डोक्या, पलस्या, चांदू एवं रंभा के सरपंच, सचिव और ग्राम रोजगार सहायकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में संबंधितों को 3 दिनों के भीतर समस्त दस्तावेजों सहित जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। चेतावनी दी गई है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जनपद सीईओ द्वारा कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ और अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को भी इसकी सूचना भेज दी गई है।

उच्च स्तरीय जांच किए जाने की मांग 

इस मामले में जागरूक नागरिकों द्वारा  स्वतंत्र उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की जाकर सभी कार्यों का भौतिक सत्यापन कराने, भुगतान से जुड़े दस्तावेजों का वित्तीय ऑडिट किया जाने और दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों और वेंडर पर कठोर कार्रवाई की मांग उठ रही है। लगातार एक ही वेंडर को विभिन्न पंचायतों द्वारा भुगतान किए जाने से प्रशासनिक पारदर्शिता पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर इसे फर्जी बिलिंग और कागजी काम के जरिए भुगतान का मामला बताया जा रहा है। बहरहाल, नोटिस भेजे जाने के बाद अब सभी की नजर कार्रवाई पर टिकी है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच कितनी निष्पक्ष और प्रभावी होती है, या फिर मामला फाइलों तक ही सीमित रह जाता है।