Road connectivity: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। बैतूल से छिंदवाड़ा सीमा पर स्थित बांसखापा गांव तक बने टू-लेन सीमेंट रोड पर अब कहीं भी खस्ताहाल मार्ग नहीं मिलेगा। यहां 7 सालों से अधूरा पड़ा काम जल्द पूरा हो सकेगा। इसके लिए यहां सड़क और पुल निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। यह काम पूरा होते ही इस पूरे मार्ग पर फर्राटे भरते हुए सफर किया जा सकेगा। 

बैतूल से बांसखापा तक बनने वाली यह सड़क जिले की पहली लंबी दूरी की सीमेंट रोड थी। यही नहीं उस समय जिले में बनने वाली सबसे महंगी सड़क भी थी। कुल 130 करोड़ रुपये की लागत से इस सड़क का निर्माण वर्ष 2019 में पूरा हुआ था। बाकी जगह तो सड़क पूरी-पूरी बन गई थी, लेकिन बैतूल से आमला के बीच बरसाली क्षेत्र में 2 टुकड़ों में करीब 400 मीटर लंबी रोड नहीं बन पाई थी। इसके साथ ही नाले पर बनने वाला पुल भी अटक गया था। 

आवाजाही में होती थी भारी परेशानी 

इससे पूरे मार्ग पर तो वाहन फर्राटे भरते हुए चलते थे, लेकिन इस 400 मीटर की लंबाई में वाहन चालकों और यात्रियों का बुरा हाल हो जाता था। पत्थरों और गड्ढों से भरी इस सड़क से ढलान से ऊंचाई की ओर वाहन ले जाने में भारी मशक्कत करना होता था। वहीं वाहन में सवार लोगों को भी भारी परेशानी होती थी। मोटर साइकिल तक यहां से निकलने में खासी परेशानी का सामना करना पड़ता था। 

बारिश में यहां से निकलना मुश्किल

यही नहीं बारिश के मौसम में तो यहां से निकलना ही मुश्किल हो जाता था। पूरी बारिश भर यहां कीचड़ और पानी जमा रहता था। इस कीचड़ और पानी में से वाहन निकालने में बेहद मुश्किल हो जाती थी। बारिश में आए दिन वाहन चालक यहां दुर्घटनाग्रस्त होते रहते थे। कई लोग तो इसी अधूरी सड़क के कारण लंबी दूरी तय करके पंखा होते हुए आवाजाही करना बेहतर समझते थे। वहीं इस अधूरी सड़क को पूरी बनाने की मांग भी लगातार हो रही थी। 

रुपये स्वीकृत पर जारी था जमीन विवाद

400 मीटर लंबी यह सड़क जमीनी विवाद के चलते अटकी पड़ी थी। इस बीच लगातार हो रही मांग के चलते यहां पर सड़क और पुल निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये की राशि भी स्वीकृत कर दी गई थी, लेकिन उसी विवाद के चलते काम शुरू नहीं हो पा रहा था। एक बार काम शुरू भी हुआ तो एक टुकड़े में एक पट्टी का काम हुआ, लेकिन फिर बंद करना पड़ा। आखिरकार यह विवाद प्रशासन ने सुलझा लिया है। 

अब शुरू हुआ पुल-सड़क का कार्य 

अब यहां सड़क और पुल दोनों का ही कार्य शुरू कर दिया गया है। संभावना जताई जा रही है कि बारिश शुरू होने के पहले पुल का निर्माण भी पूरा हो जाएगा। इससे आने वाली बारिश में इस मार्ग से गुजरने वालों को परेशानी का सामना नहीं करना होगा। अधूरी बची सड़क और पुल बन जाने के बाद बैतूल से बांसखापा तक बगैर किसी परेशानी के फर्राटे भरते हुए वाहन चल सकेंगे। बाइक चालकों को भी बेहद आसानी होगी और लंबा फेरा काटने से बच सकेंगे।