‘सही नहीं किया’—BJP अध्यक्ष पर कांग्रेस का हमला, AAP को लगा झटका
नई दिल्ली: देश की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर हुआ है। आम आदमी पार्टी (AAP) के सात राज्यसभा सांसदों ने पार्टी से इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया है। इस घटनाक्रम के मुख्य सूत्रधार राघव चड्ढा रहे हैं। इस सामूहिक बगावत के बाद देश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और विपक्षी दलों ने इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया है।
7 सांसदों ने किया 'खेल', राज्यसभा में AAP कमजोर
राघव चड्ढा के नेतृत्व में जिन सांसदों ने पार्टी छोड़ी है, उनमें संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, रजिंद्र गुप्ता, विक्रमजीत सिंह सहनी और स्वाति मालीवाल शामिल हैं। इस बड़े दलबदल के कारण उच्च सदन (राज्यसभा) में आम आदमी पार्टी की ताकत बुरी तरह प्रभावित होगी।
'दो-तिहाई' फॉर्मूले से कानून से बचने की कवायद
राघव चड्ढा ने स्पष्ट किया कि यह कोई व्यक्तिगत फैसला नहीं, बल्कि एक सामूहिक निर्णय है। उन्होंने दावा किया कि संविधान के तहत दो-तिहाई सदस्यों के समर्थन के साथ उन्होंने पार्टी का विलय भाजपा में किया है, ताकि वे दल-बदल कानून (Anti-Defection Law) के दायरे में आने से बच सकें।
'सड़े हुए अंडे' और 'गद्दारी' - AAP का तीखा हमला
पार्टी के इस बड़े नुकसान पर AAP ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता कुलदीप सिंह धालीवाल ने बागी सांसदों को 'सड़े हुए अंडे' करार दिया। उन्होंने कहा, "जब अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान ने इन्हें राज्यसभा भेजा था, तो उम्मीद थी कि ये शिक्षा, संस्कृति और पंजाब की आवाज बनेंगे। लेकिन ये लोग पंजाब की जनता के साथ गद्दारी कर गए।"
विपक्ष में भी नाराजगी: कांग्रेस का रुख
हैरानी की बात यह है कि इस घटनाक्रम से केवल AAP ही नहीं, बल्कि कांग्रेस भी नाराज है। कांग्रेस नेता रमेश बाबू ने इसे एक 'बड़ी भूल' बताया है। उन्होंने कहा, "भाजपा के नए अध्यक्ष नितिन नविन ने बड़ी गलती की है। यह लोकतंत्र की नींव को हिलाने जैसा है। जिस पार्टी ने इन्हें चुनकर भेजा, उन्हीं के साथ विश्वासघात करना राजनीति के लिए शुभ संकेत नहीं है।"
विचारधारा का टकराव
पार्टी छोड़ने के बाद राघव चड्ढा ने नेतृत्व पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी अब अपने मूल सिद्धांतों से भटक गई है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी में अब ईमानदारी से काम करने वाले लोगों के लिए कोई स्थान नहीं बचा है, जिसके कारण कई अन्य नेता भी पहले ही पार्टी से दूर हो चुके हैं।

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