Betul Patwari Protest: पटवारियों का निलंबन के खिलाफ प्रदर्शन, 30 अप्रैल तक बहाली नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
Betul Patwari Protest: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। राजस्व दस्तावेजों के डिजिटाइजेशन कार्य में लापरवाही को लेकर बैतूल तहसील के 2 पटवारियों को निलंबित कर दिया गया है। इस कार्यवाही के विरोध में जिले भर के पटवारी सड़क पर उतर आए हैं। आज वे रैली निकाल कर कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि 30 अप्रैल तक पटवारियों को बहाल नहीं किया गया तो वे चरणबद्ध आंदोलन करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि मेटा डेटा में थोकबंद गलतियां हो रही है। इसमें संशोधन के बावजूद सुधार नहीं किया जा रहा है। वहीं लापरवाही से कार्य कर रही कंपनी पर कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है।
बैतूल तहसील के 2 पटवारियों अजय जावरकर और संध्या शुक्ला को डिजिटाइजेशन में क्वालिटी चेक में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित किया गया है। इस कार्यवाही के विरोध में मध्यप्रदेश पटवारी संघ जिला बैतूल के तत्वावधान में आज जिले भर के पटवारी पुराने तहसील कार्यालय में एकत्रित हुए। यहां से रैली की शक्ल में कलेक्ट्रेट पहुंचे और संयुक्त कलेक्टर मकसूद अहमद को कलेक्टर को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि दोनों पटवारियों से निलंबन से पूर्व उनका पक्ष या जवाब नहीं लिया गया, नियमानुसार यह आवश्यक है। मेटा डेटा की प्रक्रिया शुरू से ही पूर्णत: दोषपूर्ण रही है।
इस संबंध में संघ द्वारा 30 जनवरी को अवगत कराने पर अधीक्षक, भू-प्रबंधन द्वारा कंपनी को कार्यवाही हेतु आदेशित किया गया था, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। नतीजतन, त्रुटिपूर्ण डाटा अप्रूव होता रहा और पटवारी द्वारा डेटा रिजेक्ट करने पर भी गलतियों का सुधार किए बगैर अप्रूव कर दिया गया। इस पर संघ ने पुन: 10 अप्रैल को ज्ञापन सौंपा और रिकॉर्ड स्कैनिंग सत्यापन का बहिष्कार करने तक की चेतावनी दी। इसके बावजूद यह कार्य कर रही कंपनी से सवाल-जवाब तक नहीं किया गया। उल्टे पटवारियों पर कार्यवाही की जा रही है।
पटवारियों पर कार्य का भारी दबाव
ज्ञापन में कहा गया है कि पटवारियों से भू-अभिलेख से जुड़े मूल कार्यों के अलावा अन्य कई कार्य भी कराए जाते हैं। इससे वह हमेशा वर्किंग मोड पर होता है। इससे खासा मानसिक-शारीरिक दबाव होता है। कई पटवारी ऐसे हैं जिन्हें प्रगणक या पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त नहीं किया है फिर भी जनगणना का कार्य कराया जा रहा है। इससे उन्हें मानदेय भी नहीं मिलेगा।
चरणबद्ध आंदोलन का किया ऐलान
संघ ने चेतावनी दी है कि 30 अप्रैल तक निलंबन से बहाल नहीं किया जाता है तो आंदोलन किया जाएगा। इसमें 30 अप्रैल से 2 मई तक सभी पटवारी वाट्सअप ग्रुप से लेफ्ट होकर सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। 3 से 10 मई तक पटवारी केवल भू-अभिलेख से जुड़े कार्य ही करेंगे। इस पर भी बहाल नहीं किया जाता है तो 13 मई से कलमबंद हड़ताल की जाएगी।
ज्ञापन सौंपते समय यह रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपते समय जितेंद्र पंवार, अवधेश वर्मा, सुभाष पंवार, केशवकांत कोसे, दिलीप करोचे, विवेक मालवी, दिगंबर बारस्कर, रामस्वरूप नवड़े, धनराज उइके, सुदर्शन रघुवंशी, जगन्नाथ कुमरे, अनिल उइके, सहदेव गंगारे, दीपक ठाकुर आदि संघ के पदाधिकारी एवं जिले भर के पटवारी मौजूद रहे।
पटवारियों ने खोली कार्य की पोल
संघ के जिला अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने बताया कि मेटा डेटा में थोकबंद गलतियां हैं। पटवारियों को भेजे जाने वाले 5 प्रतिशत डाटा के अलावा शेष 95 प्रतिशत रिकॉर्ड में भी यही हाल है। 5 प्रतिशत में तो सुधार हो जाएगा, लेकिन शेष 95 प्रतिशत की गलतियां वैसी ही बनी रहेगी। इससे भविष्य में लोगों को भारी परेशानी उठानी होगी। इसके अलावा पटवारियों को भेजी जा रहे डाटा की तिथियां भी मनमाने तरीके से सेट की जा रही है। कई पटवारियों को क्लोजिंग डेट तो ओपनिंग डेट से पहले की शो हो रही है। इसके बावजूद कंपनी पर अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।

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