इटली की पीएम मेलोनी ने भारतीय झुमके पहनकर दिया राष्ट्रपति ट्रंप को करारा जवाब!
रोम। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी एक बार फिर अपनी एक सोशल मीडिया पोस्ट के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का केंद्र बन गई हैं। इस बार वजह कोई आधिकारिक बयान नहीं, बल्कि उनकी एक सेल्फी है जिसमें वे भारतीय शैली के पारंपरिक झुमके पहने नजर आ रही हैं। इस देसी लुक के पीछे छिपा राजनीतिक संदेश इतना तीखा है कि इसकी गूंज वॉशिंगटन से लेकर पूरे यूरोप तक सुनाई दे रही है। मेलोनी ने इस साधारण दिखने वाली तस्वीर के जरिए यह साफ कर दिया है कि उनकी सरकार किसी बाहरी दबाव के आगे झुकने वाली नहीं है।
मेलोनी ने इंस्टाग्राम पर इस सेल्फी को साझा करते हुए एक बेहद सख्त कैप्शन लिखा। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए अपने विरोधियों को सत्ता का प्रचारक बताया और कहा कि वे उन्हें स्थिरता या आजादी का पाठ न पढ़ाएं। मेलोनी ने स्पष्ट शब्दों में लिखा-हमारा कोई मालिक नहीं है और हम किसी से आदेश नहीं लेते। हमारा एकमात्र लक्ष्य इटली का हित है। उनके इस बयान को सीधे तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को दिए गए जवाब के रूप में देखा जा रहा है। दरअसल, ईरान संघर्ष के मुद्दे पर जब मेलोनी ने अमेरिका का बिना शर्त समर्थन करने से इनकार किया था, तब ट्रंप ने उन्हें कायर कहकर संबोधित किया था। मेलोनी का यह ताजा पोस्ट उसी तंज का एक प्रभावी पलटवार है। इस सेल्फी का इंडियन कनेक्शन भी कूटनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मेलोनी का भारतीय झुमके पहनना न केवल भारत और इटली के प्रगाढ़ होते संबंधों की ओर इशारा करता है, बल्कि यह उनकी सॉफ्ट पावर कूटनीति का भी एक हिस्सा है। भारतीय सोशल मीडिया पर इस तस्वीर को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है, जिससे भारत में उनकी लोकप्रियता और अधिक बढ़ गई है। विशेषज्ञ इसे मेलोनी की वायरल डिप्लोमेसी कह रहे हैं, जिसके माध्यम से वे फैशन और भावनाओं का उपयोग कर अंतरराष्ट्रीय राजनीति के समीकरणों को प्रभावित कर रही हैं। मेलोनी का यह कड़ा रुख केवल अमेरिका के लिए नहीं, बल्कि यूरोपीय संघ के उन नेताओं के लिए भी एक चेतावनी है जो इटली की नीतियों को नियंत्रित करना चाहते हैं। अपनी इस पोस्ट से मेलोनी ने वैश्विक मंच पर यह संदेश पहुंचा दिया है कि इटली अब किसी रिमोट कंट्रोल से नहीं चलेगा। उनकी इस बेबाकी ने यह साबित कर दिया है कि वे अपनी शर्तों पर राजनीति करने वाली एक सशक्त नेता हैं, जो राष्ट्रहित के साथ कोई समझौता नहीं करेंगी।

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