Multai Rape Case: मुलताई पुलिस की बड़ी कार्रवाई: अपहृत नाबालिग सुरक्षित बरामद, दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार
Multai Rape Case: मुलताई पुलिस ने नाबालिगों की सुरक्षा के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। लगभग पांच महीने पहले अगवा की गई एक किशोरी को न केवल सुरक्षित बचा लिया गया, बल्कि उसे हवस का शिकार बनाने वाले दरिंदे को भी सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया है।
पुलिस की सक्रियता से मिली कामयाबी
बैतूल जिले में नाबालिग बच्चों की बरामदगी के लिए पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी के नेतृत्व में मुस्कान अभियान चलाया जा रहा है। इसी मुहिम के अंतर्गत अनुविभागीय अधिकारी एस.के. सिंह के कुशल मार्गदर्शन और मुलताई थाना प्रभारी नरेन्द्र सिंह परिहार की देखरेख में पुलिस टीम ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। लंबे समय से लापता बालिका को ढूंढ निकालने के साथ ही पुलिस ने आरोपी को पकड़ने में सफलता पाई है।
शिकायत के बाद शुरू हुई थी तलाश
इस मामले की शुरुआत पिछले साल 27 नवंबर 2025 को हुई थी। तब एक परिवार ने मुलताई थाने पहुंचकर सूचना दी थी कि उनकी कम उम्र की बेटी को कोई अज्ञात व्यक्ति झांसा देकर अपने साथ ले गया है। परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने तुरंत अज्ञात अपराधी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। मामला गंभीर होने के कारण पुलिस ने अलग-अलग दिशाओं में काम करना शुरू किया था।
तकनीकी साक्ष्यों से पकड़ा गया अपराधी
जांच के दौरान पुलिस ने एक विशेष दल तैयार किया जो लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रहा था। मुखबिरों के जाल और तकनीकी सबूतों की मदद से पुलिस आखिरकार बालिका तक पहुंचने में सफल रही। 24 अप्रैल 2026 को पुलिस ने किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया और उसे वापस उसके माता-पिता को सौंप दिया। जब पीड़िता से पूछताछ की गई, तो उसने अपनी आपबीती सुनाई। बालिका के बयान के आधार पर गांव लाखापुर के रहने वाले 23 वर्षीय सागर, पिता शेषराव खपरिये का नाम सामने आया। पता चला कि सागर ही उसे बहला-फुसलाकर ले गया था और उसने बालिका के साथ जबरन दुष्कर्म किया था।
आरोपी को भेजा गया जेल
जुर्म का खुलासा होते ही पुलिस ने आरोपी की घेराबंदी शुरू कर दी। मुखबिर से मिली सटीक जानकारी के बाद पुलिस ने लाखापुर गांव में दबिश दी और 24 अप्रैल 2026 को सागर को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। इस पूरी कार्रवाई में निरीक्षक नरेन्द्र सिंह परिहार, सुनील सरेयाम, मोनिका पटले, मेघा धुर्वे, प्रिंस, अरविन्द और सैनिक ज्वालासिंह ने मुख्य भूमिका निभाई। पुलिस प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की जानकारी तुरंत विभाग को दें।

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