मुख्य चुनाव अधिकारी को लेकर विवाद, बार एसोसिएशन की बैठक फिर टली
मुख्य चुनाव अधिकारी के नाम पर बढ़ा विवाद
भोपाल| हंगामे की मुख्य वजह मुख्य चुनाव अधिकारी के पद पर हुई नियुक्ति को बताया जा रहा है। मामले की जड़ें कुछ इस तरह हैं:
-
बहुमत बनाम अध्यक्ष का निर्णय: विरोध कर रहे वकीलों का आरोप है कि कार्यकारिणी ने जगमोहन शर्मा को 19 वोटों के स्पष्ट बहुमत से मुख्य चुनाव अधिकारी चुना था। इसके बावजूद, अध्यक्ष दीपक खरे ने कथित तौर पर अपनी सहमति से इंद्रजीत राजपूत को इस पद पर नियुक्त कर दिया।
-
कार्यकारिणी की वैधता पर सवाल: वकीलों के एक पक्ष का यह भी तर्क है कि वर्तमान कार्यकारिणी का कार्यकाल 3 महीने पहले ही समाप्त हो चुका है। ऐसे में वे किसी भी तरह का संवैधानिक या नीतिगत निर्णय लेने के अधिकारी नहीं हैं।
आमसभा में तीखी बहस और झूमाझटकी
विवाद को सुलझाने के लिए शुक्रवार को कोर्ट परिसर में एक आमसभा बुलाई गई थी, लेकिन स्थिति और बिगड़ गई:
-
आमसभा का विरोध: जैसे ही बैठक शुरू हुई, वकीलों के एक गुट ने कार्यकारिणी की वैधता को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी।
-
विवाद और हंगामा: जब विरोधी पक्ष ने जगमोहन शर्मा को हटाए जाने का कारण पूछा, तो दोनों पक्षों में तीखी बहस हुई जो देखते ही देखते झूमाझटकी में बदल गई।
-
पुलिस का हस्तक्षेप: स्थिति अनियंत्रित होते देख वहां तैनात पुलिस बल ने मोर्चा संभाला और वकीलों को शांत कराया। भारी विरोध के चलते अंततः आमसभा को निरस्त करना पड़ा।
क्या कहते हैं बार एसोसिएशन के नियम?
कानूनी विशेषज्ञों और वरिष्ठ अधिवक्ताओं के अनुसार, नियमों की स्थिति इस प्रकार है:
जब भी किसी कार्यकारिणी का कार्यकाल समाप्त होता है, तो उसके तीन महीने के भीतर चुनाव कराना या मुख्य चुनाव अधिकारी की नियुक्ति कर प्रक्रिया शुरू करना अनिवार्य होता है। यदि ऐसा नहीं होता है, तो पदाधिकारियों को नैतिक और कानूनी रूप से पद छोड़ना पड़ता है।
इस मामले में आरोप है कि तय समय सीमा बीत जाने के बावजूद न तो चुनाव कराए गए और न ही पारदर्शी तरीके से चुनाव अधिकारी की नियुक्ति की गई, जिससे यह पूरा विवाद खड़ा हुआ है। फिलहाल, बार एसोसिएशन में चुनावी प्रक्रिया को लेकर असमंजस बरकरार है।

Betul Air Force Candidate Death: एयरफोर्स ज्वाइनिंग से एक दिन पहले युवक की मौत, कुएं में मिला शव, सड़क पर उतरे ग्रामीण
Madhya Pradesh Bus Strike: 7 अगस्त तक सरकार को अल्टीमेटम, नहीं मानी मांगें तो थम जाएंगे बसों के पहिए
Betul Land Encroachment: सरकारी जमीन पर कब्जे का बड़ा खेल, जांच में सामने आए 27 अतिक्रमण
Outsource Employees Salary: सीएमएचओ कार्यालय पर गंभीर आरोप, सफाईकर्मियों और कंप्यूटर ऑपरेटरों को नहीं मिल रहा पूरा वेतन
सीएम हेल्पलाइन की शिकायत का त्वरित समाधान