CM सम्राट चौधरी ने पेश किया बहुमत प्रस्ताव, विधानसभा में गरमाई बहस
यहाँ बिहार विधानसभा में हुए शक्ति परीक्षण और गर्मागर्म बहस पर आधारित नई समाचार रिपोर्ट है:
पटना: बिहार की सियासत में एक नए अध्याय की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार, 24 अप्रैल को विधानसभा में बहुमत प्रस्ताव पेश किया। एनडीए की नई सरकार ने सदन में अपनी ताकत का परिचय दिया, लेकिन इस विधायी प्रक्रिया के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी और कटाक्षों का दौर भी चला।
विजय चौधरी का तेजस्वी पर हमला: "मलाल सरकार न बनने का है"
बहस की शुरुआत करते हुए उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा:
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सत्ता का हस्तांतरण: विजय चौधरी ने इसे एक मिसाल बताया कि कैसे सत्ता के शीर्ष पर रहते हुए नेतृत्व अगली पीढ़ी को सौंपा गया।
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तेजस्वी पर तंज: उन्होंने कहा कि तेजस्वी को दुख इस बात का है कि वे सरकार नहीं बना पा रहे हैं। उन्होंने सलाह दी कि पेंच फंसाने के बजाय जनता का भरोसा जीतें।
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महिलाओं का मुद्दा: उन्होंने महिलाओं को आगे बढ़ने देने और राजनीति में उन्हें न रोकने की अपील की।
तेजस्वी यादव के तीखे तीर: "पगड़ी संभालिए सम्राट जी"
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आक्रामक अंदाज में मुख्यमंत्री पर कई व्यक्तिगत और राजनीतिक हमले किए:
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पगड़ी पर तंज: तेजस्वी ने कहा, "सम्राट चौधरी अपनी पगड़ी संभालकर रखें, क्योंकि उस पर विजय सिन्हा की नजर है।"
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भाजपा में 'बाहरी' का बोलबाला: उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि सम्राट चौधरी लालू जी की पाठशाला से हैं और विजेंद्र जी समता पार्टी से, लेकिन सरकार भाजपा की चला रहे हैं।
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उम्र का विवाद: तेजस्वी ने मुख्यमंत्री की उम्र की सत्यता पर सवाल उठाया और उनके पिता शकुनी चौधरी के पुराने बयानों का जिक्र कर घेराबंदी की।
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अर्थव्यवस्था और विशेष दर्जा: नीति आयोग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने बिहार को सबसे गरीब राज्य बताया और सम्राट चौधरी से अपील की कि वे सभी दलों को प्रधानमंत्री से मिलवाकर बिहार को 'विशेष राज्य का दर्जा' दिलाएं।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का संबोधन: "लोकतंत्र की मर्यादा सर्वोपरि"
हंगामे और तंज के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सदन में संयमित और गरिमापूर्ण रुख अपनाया। विश्वास मत पेश करते हुए उन्होंने कहा:
"यह सदन केवल बहुमत साबित करने का मंच नहीं, बल्कि जन-आस्था का केंद्र है। मतभेद लोकतंत्र की शक्ति हैं, लेकिन मर्यादा हमारी पहचान होनी चाहिए।"
उन्होंने उम्मीद जताई कि यह संसदीय प्रक्रिया पारदर्शिता और शुचिता के साथ संपन्न होगी और सरकार जनता के विश्वास पर खरी उतरेगी।
मुख्य बिंदु:
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सम्राट चौधरी ने बहुमत प्रस्ताव पेश कर एनडीए की एकजुटता दिखाई।
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तेजस्वी यादव ने महिला आरक्षण में ओबीसी कोटे की मांग उठाई।
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विपक्ष ने लालू राज के वित्तीय प्रबंधन को वर्तमान से बेहतर बताया।
बिहार की इस नई सरकार के लिए यह 'फ्लोर टेस्ट' न केवल आंकड़ों की बाजी थी, बल्कि आगामी चुनावों से पहले एक बड़ा मनोवैज्ञानिक युद्ध भी रहा।

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