Betul Development Projects: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और विधायक हेमंत खंडेलवाल के कई ड्रीम प्रोजेक्ट पेंडिंग पड़े हैं। अब इन प्रोजेक्टों की राह में आ रही सारी अड़चनों के जल्द दूर होने और इन्हें तेज रफ्तार मिलने की पूरी संभावना नजर आ रही है। ऐसा होने से शहर के विकास की गति को भी पंख लग जाएंगे। इसके साथ ही आम लोगों को भी ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं मिल सकेंगी। 

दरअसल, गुरुवार को कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने कलेक्ट्रेट में बैतूल नगर पालिका क्षेत्र के अंतर्गत चल रही और प्रस्तावित पेयजल, सीवरलाइन, स्टेडियम, फायर स्टेशन एवं आईएसबीटी सहित विभिन्न विकास परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने नगर पालिका अमले को निर्देशित किया कि सभी कार्यों को सुनियोजित ढंग से मूर्त रूप दिया जाए, ताकि परियोजनाओं की उपयोगिता सुनिश्चित हो सके।

अभी आधा ही मिल पा रहा पानी 

कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने शहर की पेयजल व्यवस्था की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जल समस्या का तात्कालिक समाधान करने के साथ ही स्थायी और दीर्घकालिक व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। बैठक में सीएमओ नवनीत पांडेय द्वारा बताया गया कि बैतूल नगर में अभी ताप्ती बैराज और माचना नदी जल के प्रमुख स्रोत हैं। वर्ष 2042 तक नगर में 32 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) पानी की आवश्यकता अनुमानित है, जबकि वर्तमान में 17 एमएलडी जल आपूर्ति की डिमांड है। प्रतिदिन 9 एमएलडी की सप्लाई हो रही है और एक दिन छोड़कर नगर में जल प्रदाय किया जा रहा है। अतिरिक्त पानी की पूर्ति के लिए लगभग 32 करोड़ रुपए की लागत से ताप्ती बैराज पर 9.5 एमएलडी का इंटेकवेल निर्माण प्रस्तावित है। 

अतिरिक्त फिल्टर का प्रस्ताव प्रस्तुत 

एक अतिरिक्त वाटर ट्रीटमेंट प्लांट 24 किमी की मेन सप्लाई लाइन, 40 किमी का डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का प्रावधान का प्रस्ताव भी प्रस्तुत किया गया है। कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने निर्देश दिए कि प्रोजेक्ट निर्माण के दौरान निर्बाध जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अलग से विद्युत फीडर की व्यवस्था की जाएं, ताकि बिजली बाधित होने पर जलापूर्ति प्रभावित न हो। 

व्यवस्थित तरीके से करें निर्माण कार्य 

सीवर लाइन प्रोजेक्ट की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देशित किया कि कार्य प्रारंभ करने से पहले शहर में मौजूद ऑप्टिकल फाइबर, पाइपलाइन जैसी अन्य यूटिलिटी का समुचित ध्यान रखा जाए। कार्यों का पूर्व सर्वे और पहचान (आइडेंटिफिकेशन) कर व्यवस्थित तरीके से निर्माण किया जाए, ताकि अव्यवस्था की स्थिति न बने।

नालों पर हुए अतिक्रमण को हटाएं 

कलेक्टर डॉ सोनवणे ने लाल बहादुर शास्त्री इनडोर स्टेडियम परियोजना की समीक्षा करते हुए इसके संचालन को रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल पर संचालित करने के निर्देश दिए। साथ ही शहर के नालों पर हुए अतिक्रमण का सीमांकन कर उन्हें हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने शहर के प्रमुख चौराहों के सुव्यवस्थित सौंदर्यीकरण के कार्यों की भी समीक्षा की। 

इन परियोजनाओं की भी की समीक्षा 

इसके अतिरिक्त फायर स्टेशन, गीता भवन एवं आईएसबीटी परियोजनाओं की समीक्षा कर इन प्रोजेक्ट्स में लोकेशन और उपयोगिता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य नगर पालिका अधिकारी नवनीत पांडे, कार्यपालन यंत्री भोपाल सचिन कडू सहित निकाय के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

इन प्रोजेक्टों से शहर के विकास को लगेंगे पंख 

इनके अलावा कोठीबाजार क्षेत्र में प्रस्तावित अंडरग्राउंड पार्किंग का काम भी अब जल्द शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। वहीं बैतूल नगर पालिका को नगर निगम बनाए जाने को लेकर भी चर्चाओं ने खासा जोर पकड़ लिया है। नगर निगम का दर्जा मिलने को भले ही अभी थोड़ा समय हो, लेकिन प्रदेश अध्यक्ष श्री खंडेलवाल के इन ड्रीम प्रोजेक्ट के जल्द शुरू हो जाने से शहर के विकास को खासी रफ्तार मिल जाएगी। वहीं इन प्रोजेक्टों के पूरा होने पर शहरवासियों को खासी सुविधाएं हासिल हो सकेंगी। यही कारण है कि लोग भी इन प्रोजेक्टों के जल्द शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।