Betul Collector Inspection: बैतूल जिले के प्रभात पट्टन क्षेत्र के गांवों के दौरे पर पहुंचे कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे उस समय नाराज हो गए, जब उन्हें कई विकास कार्य अधूरे और योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर पर पूरी तरह नहीं मिलता दिखा। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी और काम समय पर पूरा होना ही चाहिए।

ग्रामीण क्षेत्रों का किया सघन निरीक्षण

बुधवार को कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने प्रभात पट्टन क्षेत्र के विभिन्न गांवों का दौरा कर सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने ग्रामीणों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं और संबंधित विभागों को तुरंत समाधान करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने योजनाओं की वास्तविक स्थिति को समझने पर जोर दिया।

घाट बिरौली में योजनाओं की समीक्षा

कलेक्टर ने ग्राम पंचायत घाट बिरौली पहुंचकर प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना, संबल पंजीयन सहित अन्य विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन हितग्राहियों के मकान अधूरे हैं, उनके निर्माण कार्य जल्द पूरे कराए जाएं। साथ ही उन्होंने कहा कि हर पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। श्रम योगी मानधन योजना के अधिक से अधिक पंजीयन के लिए प्रचार बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए।

पानी की टंकी चालू नहीं होने पर नाराजगी

निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पानी की टंकी बनने के बाद भी उससे जल आपूर्ति शुरू नहीं हुई है। इस पर कलेक्टर ने पंचायत और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को टंकी की मरम्मत कर जल्द पानी सप्लाई शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बुनियादी सुविधाओं में लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

अधूरे निर्माण पर दी सख्त चेतावनी

स्कूल भवन का निर्माण लंबे समय से अधूरा मिलने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्वीकृत राशि के अनुसार तुरंत काम शुरू कर उसे समय पर पूरा किया जाए। उन्होंने साफ कहा कि विकास कार्यों में देरी करने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अन्य योजनाओं की भी ली जानकारी

कलेक्टर ने पशुशेड, पौधरोपण, तालाब, खेत तालाब, कपिलधारा, स्वच्छता अभियान और “एक बगिया मां के नाम” जैसी योजनाओं की भी समीक्षा की। तालाब निर्माण अधूरा मिलने और विभागों के बीच समन्वय की कमी पर उन्होंने कार्यपालन यंत्री और सहायक यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने ऊर्जा विकास निगम की योजनाओं के तहत रूफटॉप सोलर पैनल लगाने के लिए ग्रामीणों को प्रेरित करने की बात कही। कचरा प्रबंधन के लिए पंचायतों का क्लस्टर बनाकर व्यवस्था विकसित करने के निर्देश भी दिए गए।

तालाब के गहरीकरण और सुधार के निर्देश

घाट बिरौली पंचायत में तालाब का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने उसकी सफाई, गहरीकरण और पिचिंग कार्य कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के लिए ऐसे कार्य समय पर पूरे होना जरूरी है।

“एक बगिया मां के नाम” योजना का निरीक्षण

कलेक्टर ने हितग्राही पिंक बारस्कर के खेत में पहुंचकर “एक बगिया मां के नाम” योजना के तहत लगाए गए पौधों की स्थिति देखी। उन्होंने पौधों की वृद्धि, सुरक्षा के लिए की गई फेंसिंग और सिंचाई व्यवस्था की जांच की और गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए।

स्कूलों में बेहतर माहौल बनाने पर जोर

प्राथमिक शाला जामुनढाना के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने हाजिरी रजिस्टर, विद्यार्थियों की उपस्थिति, पाठ्यपुस्तकों के वितरण और मिड-डे मील व्यवस्था की जानकारी ली। व्यवस्थाएं संतोषजनक नहीं मिलने पर उन्होंने स्कूलों का वातावरण बच्चों के अनुकूल बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने पर्याप्त डेस्क-बेंच, साफ-सफाई, रंगरोगन और पुस्तकें बच्चों के लिए आसानी से उपलब्ध कराने पर जोर दिया। साथ ही खेलकूद गतिविधियों को नियमित रूप से संचालित करने के निर्देश दिए।

आंगनवाड़ी में भोजन की गुणवत्ता जांची

कलेक्टर ने आंगनवाड़ी केंद्र का भी निरीक्षण किया और वहां दिए जा रहे पोषण आहार को चखकर उसकी गुणवत्ता परखी। उन्होंने कुपोषित बच्चों, गर्भवती और धात्री माताओं के पंजीयन की स्थिति की जानकारी ली। आंगनवाड़ी भवन जर्जर स्थिति में मिलने और छत से पानी टपकने की समस्या सामने आने पर उन्होंने तत्काल मरम्मत के निर्देश दिए। साथ ही शौचालय और पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए भी निर्देश दिए।

जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश

स्कूल और आंगनवाड़ी में स्थायी जल स्रोत नहीं होने पर कलेक्टर ने जल जीवन मिशन के तहत पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों और महिलाओं के लिए स्वच्छ पानी उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए।

निरीक्षण के दौरान मौजूद रहे अधिकारी

इस दौरान जनपद सीईओ आंचल पवार, तहसीलदार संजय बैरिया, तहसीलदार यशवंत गिन्नारे और जिला पंचायत की अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी इंदिरा महतो सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से फील्ड में जाकर काम की निगरानी करें और योजनाओं का लाभ समय पर लोगों तक पहुंचाएं।