Betul Railway Construction: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। रेलवे द्वारा जिले में किए जा रहे निर्माण कार्य न सिर्फ यात्रियों बल्कि आम नागरिकों के लिए भी परेशानी का सबब बन रहे हैं। बैतूल जिला मुख्यालय में बैतूल स्टेशन पर शुरू हुए निर्माण कार्यों के साथ ही अंडरब्रिज का निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया गया है, जिससे रामनगर और जाकिर हुसैन वार्ड के नागरिकों का शहर में आना-जाना मुश्किल हो गया है।

बैतूल स्टेशन पर आरपीएफ थाना के साइड से पैदल यात्री रेलवे द्वारा बनाए गए पाथ-वे से आना-जाना कर रहे थे, लेकिन यहां भी आरपीएफ ने ताला लगा दिया। अब ट्रेनों से आने वाले यात्रियों के साथ ही आम नागरिक भी परेशान हो रहे हैं। मजबूरी में यात्रियों को प्लेटफार्म से पटरी पर कूदकर आना-जाना करना पड़ रहा है। यात्रियों के साथ ही रामनगर और जाकिर हुसैन वार्ड के लगभग दस हजार निवासियों को भी स्टेशन परिसर से या फिर चार किलोमीटर का फेरा लगाकर आना-जाना पड़ रहा है। 

बैतूल रेलवे स्टेशन पर लगभग 6 माह से निर्माण कार्य चल रहा है। स्टेशन आने-जाने का मार्ग बार-बार बदला जा रहा है। बैतूल स्टेशन पर उतरने वाले कुछ यात्री प्लेटफार्म एक पर आरपीएफ थाना के पास बने छोटे गेट से निकल जाते थे वहीं बैतूल से यात्रा शुरू करने वाले कई यात्री भी इसी गेट से स्टेशन में प्रवेश करते थे। रेलवे कर्मचारी भी इसी गेट से माल गोदाम आना-जाना करते हैं।

यात्रियों के साथ ही रामनगर जाकिर हुसैन वार्ड के निवासी भी इसी गेट से पैदल आना-जाना करते थे। पिछले कुछ समय  से आरपीएफ थाना के कर्मचारियों द्वारा इस गेट पर ताला लगाकर बंद कर दिया है जिससे बैतूल आने वाली लगभग सभी ट्रेन के आने पर लगभग 25 से 50 यात्री गेट तक आते हैं एवं यहां ताला लगा देखकर वापस लौटते हैं। इसके बाद निर्माणाधीन कार्य के बीच से होते हुए या फिर फुट ओवर ब्रिज चढ़कर बाहर निकलना पड़ता है। प्लेटफार्म 2 और तीन पर उतरने वाले यात्री भी पैदल पटरी पार कर पाथ वे से गेट तक आ जाते हैं उन्हें भी वापस लौटना पड़ता है। 

नागरिक भी हो रहे परेशान

रेलवे स्टेशन के दूसरी ओर बैतूल नगर पालिका के रामनगर और जाकिर हुसैन वार्ड हैं। इन दोनों वार्डों में लगभग 10 हजार नागरिक निवास करते हैं। दोनों वार्ड के नागरिक वाहनों से अंडरब्रिज से आना-जाना करते थे वहीं पैदल आना-जाना आरपीएफ के साइड से बने छोटे गेट से या रेलवे ओवर ब्रिज से करते थे। अंडरब्रिज में चल रहे निर्माण कार्य से यहां भी आवागमन बंद हो गया वहीं निर्माण कार्य के चलते ओवरब्रिज से भी आना-जाना नहीं हो पा रहा था। ऐसे में आरपीएफ द्वारा छोटे गेट में भी ताला लगाने से नागरिकों को पैदल निकलने के लिए भी ओवरब्रिज से होकर आना-जाना पड़ रहा था या फिर स्टेशन परिसर से आना-जाना पड़ता था जहां आरपीएफ कर्मी और टीसी द्वारा प्लेटफार्म टिकट मंागी जाती थी।

नागरिकों के विरोध के बाद ओवरब्रिज से गेट ओपन कर दिया है। इससे बुजुर्ग, बीमार व्यक्ति सीढ़ी चढऩा और उतरना नहीं कर पाते हैं जिससे उन्हें 4 किलोमीटर का फेरा लगाना पड़ रहा है। यदि आरपीएफ के साइड का छोटा गेट कुछ दिनों के लिए खुल जाए तो नागरिक और यात्री रेलवे द्वारा बनाए गए पाथ वे से आसानी से पैदल आना-जाना कर सकते हैं। यात्रियों और नागरिकों ने अंडरब्रिज निर्माण पूर्ण होने तक आरपीएफ के साइड में छोटे गेट पर लगा ताला खुलवाने की मांग की है।