Betul Cotton Theft Case: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। मोहदा पुलिस ने 3 ट्रक जब्त कर 60 लाख रुपये का कपास बरामद करने में सफलता हासिल की है। सूचना पर लेड़दा घाट क्षेत्र में घेराबंदी कर पुलिस ने यह ट्रक पकड़े। यह कपास महाराष्ट्र की एक फैक्ट्री से पश्चिम बंगाल के लिए रवाना हुए थे, लेकिन रास्ते में ही ट्रक जल जाने की सूचना दे दी गई। हालांकि जब फैक्ट्री के मैनेजर मौके पर पहुंचे तो माजरा कुछ और निकला। पुलिस ने इस मामले में 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 

पुलिस ने बताया कि फरियादी अजय पिता शिवाजी चिखलकर उम्र 36 वर्ष निवासी मलकापुर जिला बुलढाना (महाराष्ट्र) की सूचना पर थाना मोहदा पुलिस द्वारा यह कार्रवाई की गई। फरियादी द्वारा थाने में आकर सूचना दी गई कि वह सुमित चौधरी की फर्म अमित कॉटन फाइबर, मलकापुर में मैनेजर के पद पर कार्यरत है।

13 अप्रैल को ट्रक क्रमांक आरजे 09 जीएफ 8686 में लगभग 150 नग कपास गांठ (कीमत करीब 46 लाख रुपये) लोड कर पश्चिम बंगाल के बनगांव हेतु रवाना किया गया था। इस बीच 15 अप्रैल को सूचना प्राप्त हुई कि उक्त ट्रक अमरवाड़ा (जिला छिंदवाड़ा) के पास जल गया है। मौके पर पहुंचने पर ट्रक जली अवस्था में मिला, किंतु कपास गांठ की पर्याप्त राख नहीं मिलने से घटना संदिग्ध प्रतीत हुई। चालक एवं हेल्पर मौके से फरार थे।

लेड़दा घाट पर पलट गया ट्रक 

आगे सूचना मिली कि माल दूसरी गाड़ी से ले जाया जा रहा है, जो लेड़दा घाट (बैतूल-खंडवा रोड) पर पलट गई है। इस पर 17 अप्रैल को प्रात: मौके पर पहुंचकर देखा तो पाया कि ट्रक क्रमांक एमपी 09 एएम 1786 पलटा हुआ है तथा दो आयशर वाहन (एमपी 39 जी 1053 एवं एमपी 12 एच 0365) में कपास बंडल लोड किए जा रहे थे। फरियादी द्वारा मार्किंग के आधार पर माल की पहचान की गई एवं तत्काल थाना मोहदा को सूचना दी गई।

पुलिस ने की वाहनों की घेराबंदी 

सूचना मिलते ही थाना मोहदा पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुँचकर घेराबंदी कर 2 आयशर वाहन एवं 1 ट्रक जप्त किया। कुल 140 नग कपास बंडल (कीमत लगभग 60 लाख रुपये) बरामद किए गए। 

इन आरोपियों को किया गिरफ्तार 

इस मामले में पुलिस ने साबिर पिता सफिक खान उम्र 48 वर्ष निवासी खंडवा, आसिफ पिता सफिक खान उम्र 42 वर्ष, निवासी खंडवा और आमिर पिता साबिर खान उम्र 27 वर्ष निवासी अंजड जिला बड़वानी को गिरफ्तार किया है। 

कार्रवाई में इनकी रही मुख्य भूमिका 

इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी सरविंद धुर्वे के नेतृत्व में टीम के सदस्य प्रधान आरक्षक सचिन माहोरे, आरक्षक अजय डोंगरे, संतोष मुजाल्दे, महिला प्रधान आरक्षक गायत्री पन्द्रे, आरक्षक रमेश चौहान एवं डायल 112 चालक गोविंद उइके की महत्वपूर्ण भूमिका रही।