मौसम के दो रंग: लू के थपेड़ों के बीच, झमाझम बारिश की आस
नई दिल्ली | भारत इस समय मौसम के दो विरोधाभासी दौर से गुजर रहा है। एक तरफ सूरज की तपिश और 'हीटवेव' ने मैदानी इलाकों को भट्टी बना दिया है, तो दूसरी तरफ पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से पहाड़ी और कुछ मैदानी राज्यों में बादलों की आवाजाही ने उम्मीद की किरण जगाई है।
उत्तर भारत: गर्मी और प्रदूषण की दोहरी मार
दिल्ली-एनसीआर के निवासियों के लिए यह हफ्ता 'दोहरी मुसीबत' लेकर आया है। एक ओर पारा 36°C से उछलकर 42°C तक पहुंचने की कगार पर है, वहीं हवा की गुणवत्ता (AQI) भी 'रेड जोन' में पहुंच गई है। उमस और बढ़ते न्यूनतम तापमान ने रात की चैन भी छीन ली है। मौसम विभाग (IMD) का अनुमान है कि हल्की बूंदाबांदी हो सकती है, लेकिन यह गर्मी से स्थायी निजात दिलाने में नाकाफी होगी।
यूपी-राजस्थान: लू के थपेड़ों से जनजीवन अस्त-व्यस्त
उत्तर प्रदेश: बुंदेलखंड का इलाका, विशेषकर बांदा, 42°C के साथ राज्य का सबसे गर्म क्षेत्र बना हुआ है। पछुआ हवाओं ने आग में घी डालने का काम किया है, जिससे खेतों में काम करने वाले मजदूरों और किसानों के लिए स्वास्थ्य संकट खड़ा हो गया है। राजस्थान: बाड़मेर में तापमान 42°C के पार जा चुका है। हालांकि, जयपुर और बीकानेर संभाग के लोगों के लिए 17 अप्रैल से मामूली राहत की खबर है, जहाँ आंधी के साथ हल्की फुहारें पड़ने की संभावना है।
बिहार और मध्य प्रदेश: उमस और गर्म हवाओं का अलर्ट
बिहार में मौसम थोड़ा नरम-गरम बना हुआ है। पटना में पारा 41°C तक जा सकता है, लेकिन 30 से 50 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने वाली हवाएं शाम को राहत दे सकती हैं। वहीं, मध्य प्रदेश के भोपाल, धार और रतलाम समेत 8 जिलों में लू (Heatwave) का यलो अलर्ट जारी किया गया है।
पहाड़ों पर हलचल: बर्फबारी और ओलावृष्टि की चेतावनी
मैदानी इलाकों की तपिश के उलट, हिमालयी राज्यों में कुदरत का अलग रूप दिखेगा, हिमाचल और उत्तराखंड: कुल्लू, मंडी और चंबा जैसे क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि और बर्फबारी का अलर्ट है। जम्मू-कश्मीर: घाटी के ऊपरी हिस्सों में बारिश और बर्फबारी से ठंडक बढ़ेगी, जबकि जम्मू संभाग अभी भी गर्मी की चपेट में रहेगा।
दक्षिण भारत: 42°C के पार पहुँचा पारा
तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश भीषण गर्मी की चपेट में हैं। यहाँ तापमान सामान्य से काफी ऊपर है। हालांकि, तटीय आंध्र और केरल में आंधी-बारिश की संभावना ने थोड़ी राहत की उम्मीद जगाई है।

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