जबलपुर में पुलिस पर गंभीर आरोप, युवक ने प्रताड़ना की शिकायत दर्ज कराई
जबलपुर। गोरखपुर थाना क्षेत्र में अमरनाथ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन कराने पहुंचे एक युवक के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा मारपीट करने की घटना हुई है। कांचघर निवासी 33 वर्षीय गौरव महरोलिया ने पुलिस आरक्षकों पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि बैंक में लाइन में लगने के दौरान विवाद शुरू हुआ था। इस मामले में पीड़ित ने अपने शरीर पर मौजूद चोट के निशान दिखाते हुए वरिष्ठ अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय ने पूरे प्रकरण की जांच कराने और तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई करने का भरोसा दिया है।
पंजीकरण की लाइन में धक्कामुक्की से शुरू हुआ विवाद
घटना सुबह की है जब गौरव महरोलिया पंजाब नेशनल बैंक की शाखा के बाहर सुबह 6 बजे से लाइन में लगा था। सुबह करीब 10:30 बजे बैंक के गेट खुलते ही वहां मौजूद आवेदकों के बीच भीतर जाने की होड़ मच गई। इस दौरान भीड़ अनियंत्रित होने लगी और धक्कामुक्की की स्थिति बन गई। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर रामपुर पुलिस चौकी के कॉन्स्टेबल योगेंद्र कुमार और तरुण मिश्रा तैनात थे। पीड़ित का कहना है कि भीड़ प्रबंधन के दौरान पुलिसकर्मियों ने उसे पीछे धकेला और विरोध करने पर शारीरिक प्रताड़ना शुरू कर दी।
पुलिस चौकी ले जाकर डंडों और बेल्ट से मारपीट
पीड़ित के अनुसार कॉन्स्टेबल तरुण मिश्रा ने पहले उसका गला पकड़कर थप्पड़ मारे और फिर दोनों आरक्षक उसे पकड़कर रामपुर पुलिस चौकी ले गए। आरोप है कि चौकी के भीतर करीब आधे घंटे तक गौरव की डंडों और बेल्ट से पिटाई की गई। दोपहर करीब 3 बजे उसे वहां से इस चेतावनी के साथ छोड़ा गया कि यदि उसने इस घटना की कहीं शिकायत की तो उसे भविष्य में गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। मारपीट की इस घटना के बाद पीड़ित के शरीर पर नीले निशान पड़ गए हैं।
युवक ने की थाने में शिकायत,टीआई क्या बोले
चौकी से छूटने के बाद गौरव शाम साढ़े 4 बजे गोरखपुर थाना पहुंचा और लिखित शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित का आरोप है कि थाने के स्टाफ ने आवेदन लेने में टालमटोल की और शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया। उसे यह धमकी भी दी गई कि शिकायत पर अड़े रहने पर उसके खिलाफ झूठी एफआईआर दर्ज कर दी जाएगी। दूसरी ओर गोरखपुर थाना प्रभारी नितिन कमल ने आरोपों पर सफाई देते हुए कहा कि गौरव बैंक परिसर में उपद्रव कर रहा था और समझाइश के बाद भी शांत नहीं होने पर पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने हेतु हल्का बल प्रयोग करना पड़ा था। फिलहाल मामला जांच के अधीन है।

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