IPL 2026 में बदला खेल, धीमी गेंदें बन रहीं गेंदबाजों का नया हथियार
आईपीएल 2026 का पहला चरण शुरू हुए अब समय हो गया है और दो टीमों को छोड़कर अन्य टीमों ने पांच-पांच मुकाबले खेल लिए हैं। लीग चरण में 70 मैच खेले जाने हैं और टूर्नामेंट काफी लंबा है। टी20 एक ऐसा प्रारूप है जिसमें हर पल मैच का रुख बदलता रहता है। आईपीएल 2026 में अब तक 24 मुकाबले खेले जा चुके हैं और टीमों की रणनीति भी स्पष्ट नजर आ रही है।
सबसे सफल टीमों का बुरा हाल
आईपीएल की तीन सबसे सफल टीम चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके), मुंबई इंडियंस और कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर), इन तीन टीमों का हाल इस सीजन बेहाल है। अंक तालिका में ये तीन टीमें क्रमश: आठवें, नौवें और 10वें स्थान पर मौजूद हैं। केकेआर का तो पांच मैचों के बाद भी खाता नहीं खुल सका है, जबकि मुंबई की टीम पहला मैच जीतने के बाद लगातार चार मुकाबले गंवा चुकी है। सीएसके ने हालांकि, अपने पिछले दो मैच जीते हैं, लेकिन उसका प्रदर्शन अपेक्षा के अनुसार नहीं रहा है।
ये तीन टीमें दिख रहीं मजबूत
अब तक खेले गए मुकाबले के हिसाब से गत चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी), पंजाब किंग्स और राजस्थान रॉयल्स की टीमें बेहद मजबूत दिख रही हैं। पंजाब अब तक अजेय बनी हुई है और उसने एक भी मुकाबला नहीं गंवाया है। पंजाब की टीम पांच मैचों में नौ अंक लेकर शीर्ष पर मौजूद है, जबकि आरसीबी की टीम आठ अंकों के साथ दूसरे और राजस्थान भी इतने अंक लेकर तीसरे नंबर पर है। सनराइजर्स हैदराबाद, दिल्ली कैपिटल्स, गुजरात टाइटंस, लखनऊ सुपर जाएंट्स और सीएसके की टीमों के एक समान चार-चार अंक हैं। लेकिन बेहतर नेट रन रेट के कारण सनराइजर्स चौथे स्थान पर है।
सीजन के पहले 25 मैचों में दिखा है ये रुझान
- अब तक खेले गए मैचों में जो ट्रेंड सामने आए हैं, उनसे स्पष्ट है कि टीमों का ध्यान पावरप्ले में ज्यादा से ज्यादा रन बनाने पर है तो धीमी पिचों पर गेंदबाजों ने धीमी गेंद को ही अपना हथियार बनाया है।
- पावरप्ले में ज्यादा से ज्यादा रन की रणनीति ने कई पुराने रिकॉर्ड तोड़े हैं।
- मध्य ओवरों में भी टीमें अब पावरप्ले की तरह ही धुआंधार खेल रही हैं।
- पहले चरण में टीमों के 200+ स्कोर बनाने के सारे रिकॉर्ड टूट गए हैं।
- तेज गेंदबाज पेस-ऑफ बॉल्स (धीमी गेंद) का इस्तेमाल ज्यादा कर रहे हैं।
- रन बनाने की तेजी में 7 से 10 ओवरों के बीच ज्यादा विकेट गिर रहे हैं।

Genda Chowk Public Toilet Issue: विकास या मज़ाक? 34 लाख खर्च कर भी यात्री नाले किनारे जाने को मजबूर, गेंदा चौक शौचालय पर कब खुलेगा ताला?
RTE Betul Admission 2026: आरटीई की लोकप्रियता: बैतूल में पहले ही राउंड में भर गईं 92% सीटें, अब मात्र 177 पर मिलेगा मौका
Road Construction: युद्ध का साइड इफेक्ट: डामर की भारी कमी, शहर से गांव तक सड़कों का निर्माण अधर में लटका
Betul Mandi News: दोहरा मापदंड: बैतूल मंडी में किसानों को कार्यवाही का डर, व्यापारियों के 'कब्जे' पर प्रबंधन मौन
राशिफल 07 मई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
जनजातीय खिलाड़ियों के लिए शानदार मंच साबित हुआ खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स