पंजाब में ‘रेल रोको आंदोलन’: 12 से 3 बजे तक ट्रेनें ठप, कई रूट प्रभावित
अमृतसर। पंजाब में किसानों का गुस्सा एक बार फिर सड़कों से रेल पटरियों तक पहुंच गया है। गेहूं की खरीद में देरी और नियमों में ढील न मिलने से नाराज किसान संगठनों ने आज पूरे राज्य में बड़ा रेल रोको आंदोलन करने का ऐलान किया है। भारतीय किसान यूनियन (डकौंदा), किसान मजदूर मोर्चा (KMM) और संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) से जुड़े कई संगठनों ने इस विरोध प्रदर्शन को समर्थन दिया है। किसानों का कहना है कि सरकार की अनदेखी के कारण उन्हें मजबूर होकर यह कदम उठाना पड़ रहा है।
कब होगा रेल रोको आंदोलन?
किसानों ने साफ कर दिया है कि यह प्रदर्शन दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक चलेगा। इस दौरान कई जगहों पर रेलवे ट्रैक जाम किए जाएंगे, जिससे ट्रेन सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
इन जगहों पर होगा बड़ा प्रदर्शन
राज्य के कई प्रमुख रेलवे स्टेशनों और इलाकों में किसान जुटेंगे।
- अमृतसर: देवी दासपुरा
- संगरूर: सुनाम
- होशियारपुर: होशियारपुर और दसूया स्टेशन
- कपूरथला: फगवाड़ा, हुसैनपुर (रेल कोच फैक्ट्री के पास)
- बरनाला, तरनतारन, मोगा, जगरांव
- पटियाला, मानसा, फाजिल्का
- फिरोजपुर: टंकन वाली बस्ती
- मलेरकोटला: अहमदगढ़
- पठानकोट (परमानंद), जालंधर (शाहकोट)
- रामपुरा फूल, बठिंडा, लुधियाना (साहनेवाल)
- मुक्तसर (मलोट), गुरदासपुर
किन रेल रूट्स पर पड़ेगा असर?
इस आंदोलन के कारण कई अहम रेल मार्गों पर ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है-
- फिरोजपुर – लुधियाना
- लुधियाना – जयपुर
- फिरोजपुर – दिल्ली
- फिरोजपुर – चंडीगढ़
यात्रियों को देरी और रद्द होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
किसान क्यों कर रहे हैं प्रदर्शन?
इस आंदोलन की सबसे बड़ी वजह है गेहूं की खरीद में देरी। किसानों का आरोप है कि बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसल को भारी नुकसान हुआ है। इसके बावजूद सरकार ने खरीद प्रक्रिया शुरू करने में देरी की। नियमों में ढील नहीं दी जा रही, जिससे किसान परेशान हैं। किसान संगठनों का कहना है कि केंद्र और एजेंसियों की लापरवाही के कारण किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
किसानों की चेतावनी
किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही गेहूं की खरीद शुरू नहीं की गई और नियम आसान नहीं किए गए, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज किया जाएगा।

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