Amla murder case: बैतूल जिले के आमला क्षेत्र में सामने आई एक दर्दनाक घटना ने सभी को झकझोर दिया है। एक बेटे ने नशे की लत के चलते अपनी ही मां की हत्या कर दी और बाद में सबूत मिटाने की कोशिश करते हुए अंतिम संस्कार की तैयारी में जुट गया। पुलिस की तत्परता से पूरे मामले का खुलासा हो गया।

बहन ने दी पुलिस को जानकारी 

14 अप्रैल 2026 को अंजनी उबनारे, निवासी सौंसर जिला पांढुर्णा ने डायल 112 पर सूचना दी कि उसकी बहन शकुंतला गुजरे, उम्र 62 वर्ष, निवासी पुरानी पुलिस चौकी के पास बोडखी की शव यात्रा निकाली जा रही है। उसने बताया कि शव पर चोट के निशान हैं, जिससे हत्या की आशंका जताई गई। सूचना मिलते ही आमला पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आमला में पोस्टमार्टम कराया गया।

पोस्टमार्टम में हुआ बड़ा खुलासा

जांच के दौरान पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण हेमरेजिक शॉक बताया गया। इसके बाद मर्ग जांच और जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी दीपांशु गुजरे के खिलाफ अपराध क्रमांक 121/26 के तहत धारा 103(1) बीएनएस में मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

आरोपी की गिरफ्तारी और खुलासा

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र कुमार जैन के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी और एसडीओपी आमला शिवकुमार सिंह के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी दीपांशु गुजरे को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

नशे की लत बनी हत्या की वजह

आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह शराब का आदी है और एक साल तक भोपाल के नशा मुक्ति केंद्र में रह चुका है। करीब एक माह पहले वह आमला लौटा था। यहां वह अपनी मां से शराब के लिए पैसे मांगता था। मां द्वारा पैसे देने से मना करने पर उसने गुस्से में आकर लोहे के पाइप और चप्पल से मारपीट कर हत्या कर दी।

सबूत मिटाने की कोशिश

हत्या के बाद आरोपी ने खून के निशान पानी से साफ कर दिए और घटना को छिपाने के लिए अंतिम संस्कार की तैयारी करने लगा। पुलिस ने आरोपी के पास से घटना में इस्तेमाल लोहे का पाइप, चप्पल, मृतका के कपड़े और चादर जब्त कर लिए हैं। मामले में धारा 238 बीएनएस भी जोड़ी गई है और आरोपी को न्यायालय में पेश कर दिया गया है।

पुलिस टीम की भूमिका

इस कार्रवाई में निरीक्षक रविकांत डेहरिया, उप निरीक्षक बलराम यादव, प्रधान आरक्षक विकास वर्मा, संतोष मालवीय, आरक्षक नागेंद्र सिंह, आदेश कवरेती, पलक सोलंकी, गणेश डेंगे और शोभाराम पुंडे की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

पुलिस ने की यह अपील

पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र कुमार जैन ने आम लोगों से अपील की है कि परिवार में किसी भी तरह का विवाद, मानसिक तनाव या नशे की समस्या होने पर समय रहते सलाह और मदद लें। साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते अपराधों पर रोक लगाई जा सके।