Betul Drinking Water Management: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। सोमवार को जिले के जनप्रतिनिधियों और विभाग प्रमुखों की संयुक्त बैठक नवागत कलेक्टर डॉ. सौरभव सोनवणे की मौजूदगी में हुई। बैठक में जिले के पांचों विधायक सहित पीएचई मंत्री संपतिया उइके भी शामिल हुईं। इस बैठक में मुख्य रूप से भविष्य में होने वाले जल संकट को लेकर कार्ययोजना बनाई गई। बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल ने निर्देश दिए कि पेयजल समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए एक समर्पित वाट्सअप ग्रुप बनाया जाएं, जिससे प्राप्त शिकायतों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित होगा। वहीं बैठक में मौजूद अन्य विधायकों ने भी अपने-अपने क्षेत्र की समस्याएं रखीं। 

बैठक में विधायक भैंसदेही महेंद्र सिंह चौहान, विधायक मुलताई चंद्रशेखर देशमुख, विधायक आमला डॉ. योगेश पंडाग्रे, विधायक घोड़ाडोंगरी गंगाबाई उईके, जिला विकास सलाहकार समिति सदस्य सुधाकर पवार सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में पेयजल प्रबंधन, नल-जल योजनाओं की प्रगति, सिंचाई परियोजनाओं और विकास कार्यों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

सत्यापन के बाद करें हस्तांतरण 

बैठक में ग्रीष्मकालीन पेयजल संकट को प्रमुखता से लेते हुए मंत्री श्रीमती उईके ने निर्देश दिए कि नल-जल योजनाओं के शेष कार्य शीघ्र पूर्ण किए जाएं और गुणवत्ता से कोई समझौता न हो। उन्होंने कहा कि पूर्ण योजनाओं को विधिवत सत्यापन के बाद पंचायतों को हस्तांतरित किया जाए तथा उनके रखरखाव में तकनीकी सहयोग पीएचई विभाग द्वारा दिया जाए। साथ ही सड़क रेस्टोरेशन कार्य भी समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

कई क्षेत्रों में बन रही संकट की स्थिति   

विधायक हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि जिले के कई क्षेत्रों में जलस्तर गिरने से पेयजल संकट की स्थिति बन रही है। ऐसे सभी गांवों में प्राथमिकता के आधार पर हैंडपंप एवं ट्यूबवेल निर्माण कराया जाए। उन्होंने पेयजल समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए एक समर्पित व्हाट्सऐप ग्रुप बनाने के निर्देश भी दिए, जिसमें प्राप्त शिकायतों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। इस कार्य के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है।

ठेकेदारों के साथ हो नियमित बैठकें

बैठक में जल निगम अंतर्गत समूह नल-जल योजनाओं में गति लाने, ठेकेदारों के साथ नियमित समीक्षा बैठकें करने तथा लापरवाही पर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। सिंचाई के क्षेत्र में महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया गया कि जिले के लिए ढेकना वृहद परियोजना स्वीकृत की गई है, जिससे आठनेर, भीमपुर, चिचोली और शाहपुर क्षेत्रों के गांव लाभान्वित होंगे। साथ ही घोघरी परियोजना से लाभान्वित गांवों का पुनर्निर्धारण करने के निर्देश दिए गए।

लैंडबैंक बढ़ाने पर दिया जोर 

विकास को गति देने के लिए विधायक श्री खंडेलवाल ने जिले में लैंडबैंक बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वन विभाग और प्रशासन के समन्वय से लैंड बैंक का चिन्हांकन कर उद्योग, डैम, मंडी और अन्य विकास कार्यों को बढ़ावा दिया जाए। ताप्ती कंजर्वेशन फॉरेस्ट में बटरफ्लाई पार्क, ग्रासलैंड विकास एवं होमस्टे जैसी पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने की भी बात कही गई, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल सके।

आमला-मुलताई में बैराज की मांग 

बैठक में विभिन्न विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याएं भी उठाईं। आमला और मुलताई क्षेत्र में बैराज निर्माण, घोड़ाडोंगरी में सूखी नदी पर बैराज, भैंसदेही में मेंढा जलाशय प्रभावितों के मुआवजे तथा गन्ना किसानों के पंजीयन संबंधी समस्याओं के समाधान पर चर्चा की गई। नगरीय प्रशासन की समीक्षा करते हुए अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए एसडीएम, तहसीलदार और सीएमओ की संयुक्त टीम गठित कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साथ ही अतिक्रमण हटाने के बाद स्थायी चिन्हांकन सुनिश्चित करने को कहा गया।