Slot Booking Issue: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। राज्य शासन ने भारी दबाव के बाद समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी तो शुरू कर दी है, लेकिन एक यह कारगुजारी कर दी है कि स्लॉट ही बुक नहीं हो रहे हैं। इसके चलते रजिस्ट्रेशन होने के बावजूद किसान अपना गेहूं समर्थन मूल्य पर नहीं बेच पा रहे हैं। किसान दिन भर स्लॉट बुक कराने बैठे रहते हैं और शाम को मायूस होकर वापस लौट जाते हैं। 

पहले शासन ने समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी 1 अप्रैल से करने का ऐलान किया था। इसके बाद तारीख बढ़ा कर 10 अप्रैल कर दी। इस पर जब कांग्रेस और किसानों ने प्रदर्शन शुरू किए तो दबाव में आकर एक दिन पहले 9 अप्रैल से खरीदी शुरू करने की औपचारिकता तो पूरी कर दी, लेकिन इसके साथ ही यह पेंच भी छोड़ दिया है कि किसान अपनी उपज बेच ही नहीं पाए। दरअसल, किसानों को उपज बेचने के लिए पहले तो रजिस्ट्रेशन कराना होता है और इसके बाद स्लॉट बुक कराना होता है। यदि रजिस्ट्रेशन है और स्लॉट बुक नहीं कराया है तो भी किसान अपनी उपज नहीं बेच सकते। 

लगातार आ रहा सर्वर में इरर

इसी के चलते किसान पहले स्लॉट बुक कराने खरीदी केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। यहां घंटों तक कोशिश करने के बावजूद स्लॉट बुक नहीं हो रहे हैं। पूरी प्रक्रिया होने के बाद जैसे ही कैप्चा भरकर प्रोसीड करते हैं तो सर्वर डाउन का मैसेज स्क्रीन पर आ जाता है। किसानों का कहना है कि खरीदी शुरू होने के बाद से ही यह समस्या आ रही है। इसके चलते अपने सारे काम-धाम छोड़कर खरीदी केंद्र पर दिन भर बैठे रहने के बावजूद स्लॉट बुक नहीं करवा पा रहे हैं। 

सरकार खरीदना ही नहीं चाह रही गेहूं

यह सब देख कर किसान आक्रोशित स्वर में यह कहने से भी नहीं चूक रहे हैं कि प्रदेश सरकार खरीदी करने का केवल दिखावा कर रही है। इस तरह की गड़बड़ियां लाकर वास्तव में वह गेहूं खरीदना ही नहीं चाह रही है। किसानों का कहना है कि यदि ऐसा नहीं होता तो सरकार द्वारा पहले ही सारी व्यवस्था दुरूस्त करके रखी जाती, ताकि खरीदी तेज रफ्तार के साथ हो सके। 

अभी तक महज 1649 स्लॉट बुक 

सर्वर में आ रही तकनीकी गड़बड़ी के कारण ही जिले में अभी तक बेहद कम किसानों के स्लॉट बुक हो सके हैं। जिले में इस साल 18979 किसानों ने गेहूं की बिक्री के लिए अपना रजिस्ट्रेशन कराया है। अधिकांश किसानों की फसल की कटाई हो चुकी है और वे बेचना चाहते हैं। इसके बावजूद जिले में स्थिति यह है कि अभी तक मात्र 1649 किसानों के स्लॉट ही बुक हो सके हैं। 

130 किसान ही बेच सके हैं गेहूं 

खरीदी की शुरूआत के बाद से ही आ रही तकनीकी खामियों के कारण जिले में गेहूं खरीदी भी रफ्तार नहीं पकड़ पाई है। खरीदी को शुरू हुए आज 5वां दिन है। इसके बावजूद अभी तक जिले में केवल 130 किसान ही अपनी गेहूं की उपज बेच सके हैं। इन किसानों ने 3500 क्विंटल अभी तक बेचा है। खरीदी के लिए वैसे तो 64 केंद्र बनाए गए हैं, लेकिन इनमें से मात्र 20 केंद्रों पर ही खरीदी हो पाई है। गौरतलब है कि इस साल गेहूं के लिए समर्थन मूल्य 2585 रुपये घोषित किया गया है जबकि 40 रुपये का बोनस दिया जा रहा है। इस तरह किसानों को प्रति क्विंटल 2625 रुपये के दाम मिलेंगे। 

सैटेलाइट वेरिफिकेशन से आई दिक्कतें 

इस संबंध में जिला आपूर्ति अधिकारी केके टेकाम का कहना है कि सर्वर में कोई तकनीकी दिक्कत नहीं है। दरअसल, शासन द्वारा अभी सैटेलाइट वेरिफिकेशन करवाया जा रहा है। यह सैटेलाइट वेरिफिकेशन भी राजस्व विभाग द्वारा ही किया जा रहा है। इसके चलते अभी थोड़ी समस्याएं आ रही हैं। एक-दो दिन में यह वेरिफिकेशन का कार्य पूरा हो जाएगा। उसके बाद कोई भी परेशानी नहीं आएगी।