Betul Water Crisis Plan: जल संकट पर कड़ा एक्शन: बैतूल में लॉन्ग टर्म प्लान बनाएंगे कलेक्टर डॉ. सोनवणे, भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस
Betul Water Crisis Plan: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। बैतूल सहित जिले के शहरी क्षेत्रों में पर्याप्त पेयजल उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई है। इस समस्या के निराकरण के लिए हम लॉन्ग टर्म प्लान (दीर्घकालीन योजना) बना रहे हैं। इसके लिए स्थाई व्यवस्था करना होगा। दरअसल, भूजल स्तर नीचे जाने से यह समस्या हो रही है। हम इसके लिए 10 से 15 साल के हिसाब से प्रोजेक्ट बनाएंगे ताकि लोगों को लंबे समय के लिए राहत मिल सके। इसके अलावा सीएम हेल्प लाइन के निराकरण के नाम पर लापरवाही अब बिल्कुल नहीं चल सकेगी।
यह बात नवागत कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सोमवार को पत्रकार वार्ता के दौरान कही। उन्होंने आगे कहा कि हम जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत पूरी गंभीरता से कार्य करेंगे। इसमें हमारा प्रयास नंबर दिखाना नहीं बल्कि रिजल्ट लाकर दिखाने का रहेगा। अभियान के तहत हम ज्यादा से ज्यादा वाटर स्ट्रक्चर बनाएंगे। कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने कहा कि हमारा फोकस गुड गवर्नेंस पर रहेगा और लोकाभिमुख नीतियां रहेगी। सभी को संवेदनशीलता के साथ सुनेंगे और उनकी समस्या दूर करेंगे।
मंडी की समस्याओं का करेंगे निराकरण
पत्रकारों द्वारा मंडी की अव्यवस्थाओं और इससे किसानों को हो रही परेशानियों की जानकारी दिए जाने पर उन्होंने कहा कि वे जल्द ही इसे दिखाएंगे और मंडी की व्यवस्थाओं को दुरूस्त करवाएंगे ताकि किसानों को परेशान न होना पड़े। मैं स्वयं मंडी का निरीक्षण करके देखूंगा। उन्होंने कहा वर्किंग के दौरान जैसे-जैसे समस्याएं आती जाएगी वैसे-वैसे हमारी प्राथमिकताएं भी तय होंंगी। हम पूरी पारदर्शिता के साथ काम करेंगे।
काम नहीं होने पर जिम्मेदारी होगी तय
कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने कहा कि ज्यादा लंबित मामलों को हम विस्तृत रूप से समझेंगे। जो काम जिस स्तर पर होना है, वह वहीं होना चाहिए। ब्लॉक और तहसील से शिकायत आने पर इन स्तरों के अधिकारियों पर जिम्मेदारी तय की जाएगी कि यह काम क्यों नहीं हुआ। राजस्व प्रकरणों का समय सीमा में निराकरण करेंगे।
सीएम हेल्प लाइन में होगी नई पहल
सीएम हेल्प लाइन के मामले में जिले में स्टेट की तरह मैकेनिज्म विकसित किया जाएगा। कलेक्टर स्वयं रेंडमली शिकायतकर्ताओं से संपर्क करेंगे। शहर के सुनियोजित विकास के लिए प्लानिंग करके काम किया जाएगा। भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम होगा। कोई भी अधिकारी किसी भी अनियमितता के लिए यह कहकर बच नहीं सकेगा कि यह उसके अधीनस्थ द्वारा किया गया है। शिकायत आती है तो गंभीरता से ली जाएगी।
मीडिया फ्रेंडली रहेंगे कलेक्टर डॉ. सोनवणे
पत्रकार वार्ता में एक बात तो स्पष्ट हो गई कि कलेक्टर डॉ. सोनवणे और मीडिया के संबंध बेहद प्रगाढ़ रहेंगे। उन्होंने अपनी ओर से ही जहां रोजाना पत्रकारों के लिए मिलने का समय तय करने की बात कही, वहीं त्रैमासिक बैठक का रोस्टर तय करने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा यह आश्वासन भी दिया कि मीडिया के फीडबैक और इनपुट के आधार पर पॉजिटिवली कदम उठाएंगे। मीडिया की खबरों को अनावश्यक रूप से नजरअंदाज नहीं करेंगे। जेनुइन न्यूज पर एक्शन भी लेंगे और समस्याओं का समाधान भी करेंगे। पत्रकार वार्ता के दौरान जिला जनसंपर्क अधिकारी रोमित उइके भी मौजूद रहे।
'ताप्ती के किनारे बीता मेरा बचपन'
पत्रकार वार्ता के दौरान कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने यह कहकर बैतूल से अपने आत्मीय जुड़ाव को स्पष्ट कर दिया कि महाराष्ट्र में उनका बचपन ताप्ती नदी के किनारे ही बीता है। उन्होंने आगे कहा- यही कारण है कि मुझे जब बैतूल कलेक्टर के रूप में पदस्थ किए जाने की जानकारी मिली तो मुझे यह सोचकर बेहद प्रसन्नता हुई कि मुझे मां ताप्ती के उद्गम स्थल वाले जिले में कार्य करने का सौभाग्य मिला है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी बैतूल के आसपास के क्षेत्रों में उनकी पदस्थापना रही है, इसलिए बैतूल से पहले से जुड़ाव रहा है।

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