Betul Garbage Fire Incident: कचरा घर में आग से खेतों तक तबाही: पंचायत की लापरवाही से किसानों का भारी नुकसान
Betul Garbage Fire Incident: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। समीपी ग्राम पंचायत खेड़ी सांवलीगढ़ में पंचायत की लापरवाही से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। यहां पांढरीढाना में स्थित कचरा घर में पंचायत के कर्मचारी ने आग लगा दी। यह आग किसानों के खेतों तक पहुंच गई। इसके चलते किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। पीड़ित किसानों ने मुआवजा दिए जाने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत द्वारा ग्राम से निकलने वाला कचरा जमा करने के लिए पांढरीढाना में कचरा घर बनाया हुआ है। हालांकि इस कचरे का नियमानुसार डिस्पोजल करने के बजाय पंचायत द्वारा समय-समय पर इसमें आग लगा दी जाती है। कचरा घर के आसपास किसानों के खेत भी स्थित है। आग लगाने से खेतों में लगी फसल को खतरा भी बना रहता है। शुक्रवार को यह आग किसानों के लिए खासी नुकसानदेह साबित हो भी गई।
कर्मचारी ने लगाई कचरे में आग
बताया जाता है कि शुक्रवार को पंचायत के एक कर्मचारी ने कचरे को जलाने के लिए आग लगा दी। देखते ही देखते ही इस आग ने विकराल रूप ले लिया और यह आसपास के खेतों तक पहुंच गई। खेतों में चना, चारा, घास, लकड़ी सहित अन्य सामान रखा था। आग की चपेट में आकर यह सब जल गया है। दोपहर का समय होने और तेज हवा चलने से आग तेजी से फैली और ज्यादा नुकसान पहुंचाया। किसानों ने खुद ही किसी तरह से इस पर काबू पाया।
इन किसानों को हुआ आग से नुकसान
आग लगने से किसान जगदीश नावंगे, गोलू नावंगे, मदन सोनी, संजय माकोड़े, संतोष माकोड़े, मदन सोनी सहित अन्य किसानों को नुकसान हुआ है। इन किसानों ने आग लगाने से उन्हें हुए नुकसान का मुआवजा दिए जाने की मांग की है। आग लगने की सूचना मिलने के बाद पुलिस और राजस्व अमले ने मौके पर पहुंच कर मुआयना किया। वहीं पंचायत के किसी कर्मचारी या पदाधिकारी ने खेतों में झांकने तक की जहमत नहीं उठाई।
प्रशासन के निर्देशों की भी परवाह नहीं
प्रशासन द्वारा खेतों में नरवाई जलाने पर तो प्रतिबंध लगाया हुआ है। नरवाई जलाने वाले किसानों पर कार्रवाई भी की जा रही है। इस प्रतिबंध का उद्देश्य है कि पर्यावरण प्रदूषित न हो और आग लगने की घटना से जान-माल का नुकसान न हो, लेकिन ऐसा लगता है कि प्रशासन के निर्देशों की ग्राम पंचायत को ही परवाह नहीं है। इसी के चलते असुरक्षित तरीके से कचरा घर में आग लगाकर लोगों की जान-माल को खतरे में डाल दिया गया। लोगों ने पंचायत पर भी कार्रवाई किए जाने की मांग की है।

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