22 साल बाद फिर चर्चा में वीरप्पन, चुनाव में ‘रॉबिनहुड’ छवि बनाने की कोशिश
नई दिल्ली। तमिलनाडु (Tamil Nadu) के जंगलों में दशकों तक दहशत और सुर्खियों में रहे चंदन तस्कर वीरप्पन (Veerappan) की मौत के 22 साल बाद एक बार फिर उनका नाम राजनीति में गूंजने लगा है। इस बार वजह है उनका परिवार, जो अलग-अलग राजनीतिक दलों से विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) मैदान में उतर चुका है।
परिवार की राजनीति में एंट्री, कई दलों से जुड़े चेहरे
वीरप्पन की बड़ी बेटी विद्या देवी मेत्तूर सीट से चुनाव लड़ रही हैं। वहीं उनकी पत्नी मुतुलक्षमी कृष्णागिरि से तमिलागा वाजवुरिमाई काची की उम्मीदवार हैं। दूसरी बेटी विद्यारानी भी राजनीति में सक्रिय हैं और नाम तमिलर काची (NTK) से मैदान में हैं। दोनों ही पार्टियां तमिल राष्ट्रवाद की विचारधारा का समर्थन करती हैं।
‘रॉबिनहुड’ छवि गढ़ने की कोशिश पर बहस
विद्यारानी पहले 2024 के लोकसभा चुनाव में भी किस्मत आजमा चुकी हैं। वह और उनकी मां वीरप्पन को सिर्फ अपराधी नहीं, बल्कि “अन्याय के खिलाफ लड़ने वाला व्यक्ति” बताकर उनकी अलग छवि पेश कर रही हैं। विद्यारानी का कहना है कि अगर उनके पिता जीवित होते तो वे लोकतांत्रिक राजनीति में हिस्सा लेते।
राजनीतिक मंचों से मिल रहा समर्थन और बयान
विद्यारानी की मेत्तूर रैली में बड़ी भीड़ देखी गई। नाम तमिलर काची के प्रमुख सीमान ने भी वीरप्पन की प्रशंसा करते हुए कहा कि वह जंगलों के रक्षक की तरह काम करते थे। हालांकि, उनके इस बयान और वीरप्पन की छवि को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है।
राजनीतिक सफर और बदलते दल
विद्यारानी पेशे से वकील और सामाजिक कार्यकर्ता हैं। वह आदिवासी और दलित मुद्दों पर काम करती हैं। उन्होंने 2020 में भाजपा जॉइन की थी और बाद में 2024 में नाम तमिलर काची में शामिल हो गईं। इससे पहले वह भाजपा की यूथ विंग में उपाध्यक्ष भी रह चुकी हैं।
वीरप्पन का आपराधिक इतिहास और अंत
कूज मुनिस्वामी वीरप्पन कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल के जंगलों में सक्रिय कुख्यात चंदन तस्कर था। आरोपों के अनुसार उस पर 100 से अधिक हाथियों के शिकार और करीब 184 हत्याओं का आरोप था। वह जंगलों में छिपकर वर्षों तक पुलिस और सुरक्षा बलों को चुनौती देता रहा। 2004 में तमिलनाडु पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने ‘ऑपरेशन कोकून’ के तहत उसे मार गिराया था, जिसके बाद उसका आपराधिक अध्याय खत्म हुआ। उसके जीवन पर कई फिल्में और डॉक्यूमेंट्री भी बन चुकी हैं।

United States ने रोका ‘Operation Project Freedom’, Iran से बातचीत के बीच बड़ा फैसला
Farooq Abdullah के बयान पर विवाद, पंजाब ब्लास्ट केस ने पकड़ा तूल
India ने China के अदला-बदली प्रस्ताव को ठुकराया, ड्रैगन को दिया करारा जवाब
कोरबा में तेज आंधी से हड़कंप, कुसमुंडा में तीन घरों पर पेड़ गिरे
ग्वालियर में खौफनाक वारदात, घूरने पर विवाद के बाद युवक की गोली मारकर हत्या
एक दिन में कितने किलोमीटर चलना चाहिए? उम्र के हिसाब से जानें सही दूरी