CM Helpline: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। भाजपा शासित बैतूल नगर पालिका के अधिकारी-कर्मचारी सीएम हेल्पलाइन में की गई शिकायतों और समस्याओं को कितनी गंभीरता से लेते हैं, इसकी बानगी शहर के मालवीय वार्ड खंजनपुर में पिछले वर्ष ही बनी सड़क में गड्ढे होने की शिकायत करने के बाद दिखाई दी।

एक वार्डवासी द्वारा सड़क में गड्ढे होने की शिकायत सीएम हेल्पलाइन १८१ में की गई थी। शिकायत करने के लगभग एक पखवाड़े बाद नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों ने दो मजदूरों को गड्ढे भरने भिजवाया। मजदूरों ने भी सड़क किनारे आसपास से मलबा, मिट्टी आदि उठाकर गड्ढों में भर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली।

जब शिकायतकर्त्ता ने डामर या कांक्रीट से गड्ढे भरने के लिए कहा तो मजदूरों ने दो ट्रक जवाब दे दिया कि नगर पालिका के पास डामर नहीं है। सीएम हेल्पलाइन में की गई शिकायतों के निराकरण का तरीका देख शिकायतकर्ता के साथ नागरिक भी हतप्रभ हैं।

एक साल पहले ही बनी थी सड़क

शहर के मालवीय वार्ड खंजनपुर में लगभग एक साल पहले नगर पालिका द्वारा मुख्य मार्ग से अतिक्रमण हटाकर टू-लेन सड़क बनाई थी। केन्द्रीय राज्यमंत्री दुर्गादास उईके के निवास पर भी इसी सड़क से होकर जाते हंै। जिससे जिले भर के लोगों के साथ ही ४ वार्ड के नागरिकों का दिन भर आना-जाना लगा रहता है। इसके बावजूद ठेकेदार द्वारा सड़क में गड्ढे होने लगे। यदि इन गड्ढों की व्यवस्थित मरम्मत नहीं की गई तो बारिश में सड़क के हाल फिर पहले जैसे हो सकते हैं।

सीएम हेल्पलाइन में की थी गड्ढों की शिकायत

मुख्य मार्ग गड्ढे होने और वाहनों के गुजरने के दौरान गड्ढों में पटकाने से दिन-रात आने वाली आवाज से वार्डवासियों को बेहद परेशानी हो रही थी। मालवीय वार्ड निवासी युवा अमन मालवीय ने ८ मार्च २०२६ को सीएम हेल्पलाइन १८१ में सड़क में गड्ढे होने की शिकायत की थी। उनकी शिकायत सीएम हेल्पलाइन में दर्ज कर ली गई जिसकी आईडी जीओवीएमपी/ई/२०२६/०००७७९ है।

मलबा डालकर भरे गड्ढे

सीएम हेल्पलाइन में शिकायत करने वाले अमन मालवीय ने बताया २-३ दिन पहले नगर पालिका से दो मजदूर आए। उन्होंने सड़क के आसपास पड़ा मलबा उठाकर गड्ढों में भर दिया। इस मलबे में मिट्टी-रेत के साथ ही किसी के द्वारा फेंके गए टाइल्स के टुकड़े भी मिले थे। गड्ढे भरकर मजदूरों ने फावड़े से ठोककर दबाया और कुछ ही देर में सीएम हेल्पलाइन में की गई समस्या का निराकरण कर दिया।

श्री मालवीय ने बताया जब उन्होंने मजदूरों से डामरीकरण कर मजबूती से गड्ढे भरने को कहा तो उन्होंने दो टूक जवाब दिया कि नगर पालिका में डामर नहीं है और डामर सड़क में रेत-सीमेंट, गिट्टी के कांक्रीट से गड्ढे नहीं भर सकते हैं। शिकायतकर्ता का कहना था कि नपा के मजदूरों ने गड्ढों में जो मटेरियल भरा है वह ५-६ दिन भी नहीं टिक पाएगा और गड्ढे फिर पहले जैसे ही हो जाएंगे, लेकिन लगता है कि भाजपा शासित नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारी भी सीएम हेल्प लाइन की शिकायतों को हवा में उड़ाकर सिर्फ रस्म अदायगी करते हैं। उनका एकमात्र प्रयास रहता है कि शिकायतकर्ता किसी भी तरह अपनी शिकायत वापस ले लें।