Maize Arrival Chaos: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। प्रमुख खरीफ फसल मक्का के दाम इस साल कम रहने से अप्रैल माह तक भी मक्का की बंपर आवक का दौर जारी है। मक्का की बंपर आवक होने और व्यापारियों द्वारा मंडी परिसर से बोरे नहीं उठाने से पूरी मंडी में चारों ओर व्यापारियों के बोरे ही नजर आ रहे हैं। मंडी के शेड और मंडी परिसर के साथ ही अब तो मंडी की सड़कों पर भी व्यापारियों ने चौकड़े लगा दिए हैं। जिससे किसानों को उपज खाली करने जगह ही नहीं मिल पा रही है। मंडी की सड़क किनारे किसान जैसे-तैसे उपज खाली कर रहे हैं, लेकिन उनके ऊपर से भी मंडी आने वाले वाहन गुजर रहे हैं। जिससे उनका अनाज खराब हो रहा है। मंडी प्रबंधन को किसानों की सुविधा से कोई लेना देना नहीं है। हालात देखकर लगता है कि मंडी प्रबंधन में व्यापारियों को मनमानी करने की छूट दे दी है।

कृषि उपज मंडी बैतूल में व्यापारियों की मनमानी का दौर जारी है। मंडी में व्यवस्थाएं बनाने अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों के तमाम प्रयास मंडी प्रबंधन के सुस्त रवैये के चलते फेल हो गए। भारतीय किसान संघ ने भी मंडी की समस्याओं का लेकर ३-४ घंटे मंडी में धरना देकर अपने कर्त्तव्यों की इतिश्री कर ली। जिससे मंडी में किसानों की समस्या कम होने के बदले बढ़ते जा रही है। गुरूवार शाम को मंडी परिसर में चारों ओर किसानों के बोरे ही नजर आ रहे थे।

मंडी के शेड तो व्यापारियों के चौकड़े से भरे ही थे। मंडी परिसर में भी अधिकतर स्थानों पर व्यापारियों के बोरे रखे हुए थे। अब व्यापारी मंडी के अन्दर आने-जाने के लिए बने मार्ग पर भी बोरे रखने लगे है। जिससे मंडी में पीछे का मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। किसानों के अनाज के ऊपर से वाहन गुजरने को मजबूर है वहीं पूरे परिसर में बाईक से निकलने लायक जगह भी नहीं बची है। बावजूद इसके मंडी प्रबंधन कुंभकर्णी नींद में सोया हुआ है और किसानों के हित की बात कहने वाले राजनैतिक दल, किसान संगठन और जनप्रतिनिधि किसानों की सबसे बड़ी समस्या पर आंखे मूंदे बैठे है।