Mukhyamantri Kanyadan Yojana: आर्थिक संकट का असर: मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में बड़ी कटौती, अब सिर्फ 800 विवाह और BPL तक सीमित लाभ
Mukhyamantri Kanyadan Yojana: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। प्रदेश सरकार की दिन प्रतिदिन खस्ताहाल हो रही माली हालत और आर्थिक संकट से जूझने के कारण प्रदेश सरकार ने शिवराज सरकार के समय शुरू की गई योजनाओं पर कैंची चलाना शुरू कर दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अति महत्वकांक्षी योजना मुख्यमंत्री कन्यादान योजना शुरू कर प्रदेश भर में बेटियों के विवाह-निकाह शुरू करवाए थे।
इस योजना से अधिकतम परिवारों की बेटी के विवाह की चिंता समाप्त हो गई थी। लेकिन, आर्थिक संकट से जूझ रही प्रदेश सरकार ने साल २०२६-२७ में इस योजना पर धारदार कैंची चला दी है। जिसमें अब प्रत्येक जिले के लिए आयोजनों की संख्या तय करने के साथ ही विवाह के लिए अधिकतम संख्या भी निर्धारित कर दी गई है। इतना ही नहीं अब मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में सिर्फ बीपीएल परिवार की कन्याओं का ही विवाह और निकाह होगा। जिससे इस साल मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में गत वर्षों की तुलना में ८० फीसदी से भी अधिक कमी आ जाएगी। साथ ही इस योजना से सरकार का लगभग ८० फीसदी बजट भी बच जाएगा।
जिले में होंगे सिर्फ ४ आयोजन
मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में अभी तक सभी जनपद पंचायत स्तर पर आयोजन होते थे। जिसमें क्षेत्र की नगरीय निकाय के हितग्राही भी शामिल होते थे। लेकिन, इस साल इस योजना पर कैंची चलाते हुए जिले में सिर्फ चार आयोजन किए जाने की सहमति देते हुए इनकी तारीख भी निर्धारित कर दी है। बैतूल, भीमपुर, घोड़ाडोंगरी और मुलताई में होने वाले इन आयोजनों में जिले की सभी दस जनपद पंचायतों और दस नगरीय निकायों को शामिल किया गया है।
यह क्षेत्र होंगे शामिल
जिले में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत पहला आयोजन जनपद पंचायत बैतूल में २६ अप्रैल को आयोजित किया जाएगा। जिसमें जनपद पंचायत बैतूल, आठनेर और आमला के साथ ही नगर पालिका बैतूल, आमला, नगर परिषद बैतूलबाजार और आठनेर के अधिकतम २०० हितग्राही शामिल होंगे। २९ अप्रैल को जनपद पंचायत भीमपुर में आयोजित आयोजन में जनपद पंचायत भीमपुर और भैंसदेही तथा नगर परिषद भैंसदेही की पात्र कन्याओं के विवाह होंगे। ३० अप्रैल को घोड़ाडोंगरी में आयोजित आयोजन में जनपद पंचायत घोड़ाडोंगरी, शाहपुर और चिचोली तथा नगर पालिका सारणी, नगर परिषद घोड़ाडोंगरी, शाहपुर और चिचोली की कन्याओं का विवाह होगा। चौथा सम्मेलन ५ मई को जनपद पंचायत मुलताई में होगा, जिसमें जनपद पंचायत मुलताई और प्रभातपट्टन तथा नगर पालिका मुलताई के हितग्राही शामिल होंगे।
बीपीएल परिवार की कन्याओं के ही होंगे विवाह-निकाह
साल २०२६ में होने वाले मुख्यमंत्री कन्या विवाह-निकाह आयोजन में कन्या का नाम और उनके अभिभावक का नाम बीपीएल सूची में होना अनिवार्य है। आधार, समग्र आईडी, अंकसूची के साथ ही कन्या का पूर्व में विवाह नहीं होने का प्रमाण पत्र और पांच जिम्मेदार जनप्रतिनिधि एवं कर्मचारियों का पंचनामा आवश्यक है। विधवा महिलाओं के लिए पूर्व पति का मृत्यु प्रमाण पत्र और परित्यक्ता महिलाओं के लिए कानूनी रूप से तलाक होने का न्यायालयीन आदेश आवश्यक है। पंचनामा में ग्रामीण क्षेत्र के लिए सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और एक अन्य अधिकारी की हस्ताक्षर होना अनिवार्य है। वहीं नगरीय क्षेत्र के लिए वार्ड पार्षद, नपा कर्मचारी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहित दो अन्य अधिकारियों के हस्ताक्षर अनिवार्य है।
गत वर्ष से १५ फीसदी कन्याओं को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में इस साल एक आयोजन में न्यूनतम ११ और अधिकतम २०० कन्याओं के विवाह की ही अनुमति है। जिले में ४ आयोजनों में अधिकतम ८०० कन्याओं का ही विवाह हो पाएगा। इसमें पात्र हितग्राहियों को संबंधित निकाय में आवेदन करना होगा। जहां पहले आओ पहले पाओ के आधार पर जांच में पात्र पाए गए आवेदकों के अधिकतम २०० आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। जबकि जिले में गत वर्ष २०२५-२६ में जिले की दसों जनपद पंचायतों में हुए आयोजन में ५ हजार २३४ कन्याओं के विवाह-निकाह हुए थे। वहीं साल २०२३ में जनवरी २०२३ से मार्च २०२३ तक १६३२ और मार्च २०२३ से मई २०२३ तक ३१६४ कुल ४७९६ कन्याओं के विवाह-निकाह हुए थे। साल २०२४-२५ में इस योजना के तहत कोई भी आयोजन नहीं हुए थे। इस साल पिछले साल की तुलना में मात्र लगभग १५ फीसदी (अधिकतम ८००) विवाह-निकाह ही होंगे।
कन्याओं के खाते में आएंगे ४९ हजार, आयोजन पर होंगे ६ हजार खर्च
मुख्यमंत्री विवाह-निकाह योजना में इस साल प्रत्येक पात्र कन्या के बैंक खाते में ४९ हजार रुपये जमा होंगे। वहीं ६ हजार रुपये आयोजनकर्ता निकाय को आयोजन के लिए दिए जाएंगे। यदि सभी आयोजनों में २०० जोड़े के विवाह हुए तो आयोजन के लिए १२ लाख उपलब्ध रहेंगे। जबकि साल २०२२-२३ में प्रत्येक विवाहित जोड़े को ३८ हजार रुपये की दहेज सामग्री और ११ हजार रुपये के चैक दिए गए थे, वहीं २०२३-२४ में कन्या के नाम से ४९ हजार के चैक दिए गए। २०२५-२६ से कन्या के बैंक खाते में ४९ हजार रुपये जमा किए जाते हैं। इस साल प्रत्येक आयोजन के लिए अधिकतम १२ लाख रुपये की व्यवस्था होने से आयोजन की गरिमा भी प्रभावित होगी।

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